पंचम पातशाह गुरु अर्जन देव साहब जी का शहीदी दिवस जो कि 18 जून को है, बड़ी श्रद्धा भावना के साथ दयालबंद गुरुद्वारा साहिब में मनाया जा रहा है । इस हेतु विशेष रूप से जम्मू से आए भाई साहब जगतार सिंह जी, भाई गुरसेवक सिंह जी का रागी जत्था सुबह और शाम के विशेष दीवान में कीर्तन कर संगत को निहाल कर रहे हैं ।
गुरु अर्जन देव साहब जी को सन 1606 में उस समय के मुगल शासक जहांगीर ने बड़ी ही अमानवीय यातनाएं दी । लेकिन इतनी यातनाएं सहने के बाद भी गुरु महराज जी सत्य के मार्ग पर चलते रहे । गुरु अर्जन देव जी सिख धर्म के पहले शहीद थे ।
उन्हें लाहौर की भीषण गर्मी में गर्म तवे के ऊपर बैठा के उनके ऊपर गर्म रेत डाली गई, तब भी गुरु अर्जन देव जी वाहेगुरु जी का सिमरन कर गुरु भक्ति में लीन रहे। कुछ दिनों तक ये यातनाएं सहने के बाद गुरु महराज जी ने रावी नदी के ठंडे जल में समाधि ले ली ।
इतनी गर्मी में गर्म रेत उनके ऊपर डाली जाती थी, जो असहनीय थी, इसी लिए इस दिन ठंडे जल (छबील) का लंगर सिख समाज लगता है । 18 जून को शहीदी दिवस दयालबंद गुरुद्वारे में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा, जिसकी तैयारी में प्रबंधक कमेटी लगी हुई है ।।

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