नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कलानी इंपेक्स और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े मामले में गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA), 1999 के तहत तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
ईडी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंपनी के निर्यात (Export) के बदले विदेश से मिलने वाली राशि निर्धारित समय के भीतर भारत नहीं लाई गई। इतना ही नहीं, बकाया राशि की वसूली के लिए कंपनी की ओर से किसी प्रकार के दस्तावेजी प्रयास किए जाने के भी पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ विदेशी खरीदारों से निर्यात की पूरी राशि प्राप्त नहीं हुई। वहीं, कई मामलों में निर्यात भुगतान उन तीसरे पक्ष (Third Party) की कंपनियों से प्राप्त हुआ, जिनका नाम संबंधित एक्सपोर्ट इनवॉइस या शिपिंग बिल में खरीदार अथवा प्राप्तकर्ता के रूप में दर्ज नहीं था।
प्रवर्तन निदेशालय ने तलाशी अभियान के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी अब वित्तीय लेनदेन, निर्यात भुगतान और FEMA के संभावित उल्लंघन के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

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