मध्यभारत के छत्तीसगढ़ का प्रथम सर्वसुविधायुक्त आयुर्वेदिक पंचकर्म संस्थान 'वैद्यशाला' में अस्थमा का आयुर्वेदिक उपचार, जानिए श्वास रोग के कारण और बचाव

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मध्यभारत के छत्तीसगढ़ का प्रथम सर्वसुविधायुक्त आयुर्वेदिक पंचकर्म संस्थान 'वैद्यशाला' में अस्थमा का आयुर्वेदिक उपचार, जानिए श्वास रोग के कारण और बचाव

 







विलासपुर में मध्यभारत के छत्तीसगढ़ राज्य का प्रथम सर्वसुविधा युक्त आयुर्वेदिक पंचकर्म संस्थान

वैद्यशाला – आयुर्वेद चिकित्सा एवं पंचकर्म संस्थान

श्वास रोग (अस्थमा)

श्वास रोग (अस्थमा) श्वसन तंत्र की एक प्रमुख बीमारी है। इस रोग में प्राणवह स्रोतों (श्वसन मार्ग) में अवरोध उत्पन्न होने के कारण रोगी को सांस लेने में कठिनाई होती है।







आज के समय में संपूर्ण विश्व प्रगति की ओर अग्रसर है, लेकिन बढ़ता वायु प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बन चुका है। महानगरों में बढ़ते उद्योग, मोटर वाहन, धूल-धुआं तथा पेड़ों की कटाई के कारण वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है। प्रदूषित वायु एवं अन्य एलर्जी कारक तत्व श्वसन तंत्र में प्रवेश कर अनेक प्रकार के रोग उत्पन्न करते हैं, जिनमें श्वास रोग (अस्थमा) प्रमुख है।


आयुर्वेद के अनुसार श्वास रोग की उत्पत्ति में वात एवं कफ दोष का विशेष महत्व माना गया है।


श्वास रोग (अस्थमा) के सामान्य कारण

धूल, धुआं, सुगंधयुक्त पदार्थ, फूलों के परागकण आदि से एलर्जी।


ठंडे स्थानों में रहना एवं ठंडे पदार्थों का अधिक सेवन।


अधिक व्यायाम या अत्यधिक पैदल चलना।


धूम्रपान एवं अन्य नशीले पदार्थों का सेवन।


विभिन्न प्रकार के संक्रमण।


अधिक भोजन एवं अनियमित (विषम) आहार का सेवन।


संपर्क

वैद्यशाला – आयुर्वेद चिकित्सा एवं पंचकर्म संस्थान

अरपा पुल के पास, मेन रोड, नेहरू चौक, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)


फोन: 07752-412224

मोबाइल: 86028-11002, 81008-63568

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