हैदराबाद, 25 जून 2026. आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने हैदराबाद दौरे के दौरान तेलंगाना सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न केंद्रीय शहरी विकास योजनाओं एवं मिशनों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग की सचिव डॉ. टी.के. श्रीदेवी, विभिन्न शहरी मिशनों के मिशन निदेशक तथा परिवहन प्रभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राज्य में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए श्री साहू ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) एवं अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) 2.0 के अंतर्गत अपेक्षाकृत कम व्यय पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को मार्च 2027 तक मिशनों की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार द्वारा लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्रों मुद्दे पर भी चर्चा करते हुए उन्होंने इन्हें शीघ्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया, जिससे निधियों का निर्बाध प्रवाह एवं योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड तथा पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों का अधिकतम उपयोग कर शहरी अवसंरचना एवं सतत गतिशीलता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके उपरांत श्री साहू ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD), हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) तथा नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) के अधिकारियों के साथ पृथक समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी एजेंसियों को चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, अनावश्यक विलंब से बचने तथा राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही HUDCO को प्रतिस्पर्धी बने रहते हुए अपने ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार करने तथा शहरी अवसंरचना विकास परियोजनाओं को निरंतर सहयोग प्रदान करने की सलाह दी।
दौरे के दौरान राज्य मंत्री ने हैदराबाद के नागोल स्थित 320 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का भी निरीक्षण किया, जो देश की सबसे बड़ी सीवेज शोधन सुविधाओं में से एक है। मूसी नदी के तट पर स्थित इस अत्याधुनिक संयंत्र में उन्होंने उपचार क्षमता, परिचालन दक्षता, रखरखाव व्यवस्था, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन पहलों की समीक्षा की।
इस अवसर पर हैदराबाद महानगर जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (HMWSSB) के संयुक्त प्रबंध निदेशक श्री मयंक मित्तल, मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती पद्मजा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संयंत्र की स्वचालित निगरानी प्रणाली, एससीएडीए नियंत्रण तंत्र तथा सीवेज उपचार की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान श्री साहू ने प्राथमिक उपचार इकाइयों, सीक्वेंशियल बैच रिएक्टर (SBR), क्लोरीन संपर्क टैंक, ब्लोअर बिल्डिंग, प्रशासनिक भवन तथा एससीएडीए मॉनिटरिंग एवं नियंत्रण प्रणाली सहित विभिन्न परिचालन इकाइयों का अवलोकन किया। उन्होंने संयंत्र के कुशल संचालन, पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य संवर्धन तथा जल संसाधन प्रबंधन में इसके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
कार्यस्थल सुरक्षा को बढ़ावा देने और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री साहू ने संयंत्र में कार्यरत रखरखाव कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि शहरी अवसंरचना परियोजनाओं में कर्मचारी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
श्री साहू ने तेलंगाना की नवाचारी शहरी विकास एवं अपशिष्ट प्रबंधन पहलों की भी प्रशंसा की। उन्होंने सूर्यापेट नगर पालिका की प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाई, खम्मम नगर निगम की सफल बायोमाइनिंग एवं डंपसाइट पुनर्स्थापन परियोजना, स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित ‘यूटेंसिल बैंक’ पहल तथा अलैर नगर पालिका द्वारा मंदिरों के पुष्प अपशिष्ट से पर्यावरण-अनुकूल अगरबत्ती निर्माण जैसे नवाचारों को अनुकरणीय बताया।
उन्होंने राज्य सरकार की ‘99-दिवसीय विशेष स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्ययोजना’ की भी सराहना की, जिसके माध्यम से स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, सड़क सफाई, जलाशयों के पुनर्जीवन तथा ‘वेस्ट-टू-आर्ट’ जैसी जनभागीदारी आधारित गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिला है।
राज्य मंत्री ने कहा कि तेलंगाना की ये पहलें पर्यावरणीय स्थिरता, परिपत्र अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण एवं नागरिक-केंद्रित शहरी विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं तथा देशभर के शहरी स्थानीय निकायों के लिए उत्कृष्ट मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती हैं।
मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) और AMRUT 2.0 के तहत अपेक्षाकृत कम खर्च पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मार्च 2027 की समयसीमा से पहले सभी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में राज्य सरकार से लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्र जल्द जमा करने का आग्रह भी किया गया, ताकि केंद्र से मिलने वाली निधियों का प्रवाह बाधित न हो। इसके अलावा अर्बन चैलेंज फंड और पीएम ई-बस सेवा योजना का अधिकतम लाभ उठाकर शहरी अवसंरचना और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के बाद मंत्री ने CPWD, HUDCO और NBCC के अधिकारियों के साथ अलग से समीक्षा की। उन्होंने सभी एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने, अनावश्यक देरी से बचने और राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। HUDCO को शहरी विकास परियोजनाओं में अपनी भागीदारी और ऋण पोर्टफोलियो बढ़ाने की भी सलाह दी गई।
अपने दौरे के दौरान तोखन साहू ने हैदराबाद के नागोल में स्थित 320 एमएलडी क्षमता वाले देश के सबसे बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निरीक्षण भी किया। मूसी नदी के किनारे स्थित इस अत्याधुनिक संयंत्र में उन्होंने सीवेज उपचार क्षमता, परिचालन व्यवस्था, पर्यावरणीय मानकों के पालन और अपशिष्ट जल प्रबंधन की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें संयंत्र की SCADA आधारित स्वचालित मॉनिटरिंग प्रणाली और सीवेज ट्रीटमेंट की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। मंत्री ने SBR यूनिट, क्लोरीन संपर्क टैंक, ब्लोअर बिल्डिंग, प्रशासनिक भवन और अन्य परिचालन इकाइयों का भी निरीक्षण किया तथा संयंत्र के प्रभावी संचालन की सराहना की।
कार्यस्थल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए तोखन साहू ने संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों को PPE किट वितरित किए। उन्होंने कहा कि किसी भी शहरी अवसंरचना परियोजना में कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राज्य मंत्री ने तेलंगाना की कई नवाचारी पहल की भी प्रशंसा की। उन्होंने सूर्यापेट की प्लास्टिक रीसाइक्लिंग यूनिट, खम्मम की बायोमाइनिंग परियोजना, स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित यूटेंसिल बैंक और अलैर नगर पालिका की फूलों के कचरे से अगरबत्ती बनाने की पहल को देश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया।
उन्होंने राज्य सरकार की 99 दिवसीय विशेष स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्ययोजना की भी सराहना की। उनका कहना था कि अपशिष्ट पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, जलाशयों के पुनर्जीवन और वेस्ट-टू-आर्ट जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और नागरिक-केंद्रित शह
री विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।


