नई दिल्ली | 16 अगस्त 2026. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर ही नहीं बनेगा, बल्कि अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक का वैश्विक सप्लायर (Global Supplier) बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
मिशन सुदर्शन चक्र' और आधुनिक खतरों से निपटने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में **‘मिशन सुदर्शन चक्र’** पर तेजी से काम चल रहा है। बदलते दौर में युद्ध के तरीकों में आए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज खतरा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक युग में देश की रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) भी दुश्मनों के निशाने पर आ सकते हैं। ऐसे में भारत को अपनी सुरक्षा क्षमताओं को बहुआयामी और अत्याधुनिक बनाना होगा।
ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और हाइपरसोनिक तकनीक पर फोकस
पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में भविष्य की तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया:
ड्रोन एवं काउंटर-ड्रोन सिस्टम: देश में ही उन्नत ड्रोन तकनीक और दुश्मनों के ड्रोन को हवा में ध्वस्त करने वाले काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने की गति तेज की जाएगी।
हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक भारत को हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करना होगा।
आत्मनिर्भरता का संकल्प उन्होंने दोहराया कि सुरक्षा के मामले में भारत को किसी अन्य देश पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
रक्षा उत्पादन में 4 गुना और निर्यात में 50 गुना का उछाल
पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन (Defense Production) लगभग **4 गुना** बढ़ चुका है। वहीं, देश के रक्षा निर्यात (Defense Export) में रिकॉर्ड **50 गुना वृद्धि** दर्ज की गई है। आज भारत में बने हथियार और रक्षा उपकरण दुनिया के लगभग **100 देशों** तक पहुंच रहे हैं।
बनेगी देश की बड़ी सिविल डिफेंस वॉलंटियर फोर्स
नागरिक सुरक्षा को आधुनिक चुनौतियों के अनुसार ढालने के लिए पीएम मोदी ने बड़ा कदम उठाने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि देश के पुराने सिविल डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से आधुनिक बनाया जाएगा और किसी भी आपात स्थिति या आधुनिक खतरे से निपटने के लिए नागरिकों की एक विशाल **सिविल डिफेंस वॉलंटियर फोर्स (Civil Defence Volunteer Force)** तैयार की जाएगी।
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