बिलासपुर में अरपा पार क्षेत्र के लिए अलग नगर निगम बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। लंबे समय से विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगा रहे स्थानीय लोगों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि अरपा नदी के इस पार और उस पार विकास में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है, जिसे अब खत्म किया जाना चाहिए।
अरपा नदी बिलासपुर शहर को दो हिस्सों में बांटती है। एक ओर शहर का मुख्य इलाका है, जहां बेहतर सड़कें, सुविधाएं और प्रशासनिक ध्यान देखने को मिलता है। वहीं दूसरी ओर सरकंडा समेत अरपा पार के कई वार्ड और आसपास के इलाके आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी, खराब सड़कें, जल निकासी और अव्यवस्थित विकास जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इन्हीं मुद्दों को लेकर 'नागरिक सुरक्षा मंच' ने अलग नगर निगम के गठन की मांग को फिर से उठाया है। संगठन का कहना है कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की तर्ज पर अरपा पार के लिए स्वतंत्र नगर निगम बनाया जाए, ताकि क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास हो सके और लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलें।
इस मांग को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच ने 25 जून को विशाल धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस आंदोलन में अरपा पार के विभिन्न वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। आंदोलन का उद्देश्य शासन और प्रशासन का ध्यान क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अलग नगर निगम का गठन होता है तो विकास कार्यों में तेजी आएगी, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस मांग को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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