छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में 14 वें सदस्य की नियुक्ति, राज्य शासन को जवाब देने के निर्देश

copyright

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में 14 वें सदस्य की नियुक्ति, राज्य शासन को जवाब देने के निर्देश

 




बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में 14 वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य शासन को 4 सप्ताह में जवाब देने को कहा है। कांग्रेस के दो नेताओं ने 90 सदस्यीय विधानसभा के आधार पर मंत्रिपरिषद की संख्या 15 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा से अधिक होने का दावा करते हुए 14वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती दी है।

1 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले में राज्य को जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है।
याचिकाकर्ता वासुदेव चक्रवर्ती व सुशील आनंद शुक्ला का कहना है, संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) के तहत राज्य में मंत्रिपरिषद की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 सीटें हैं। मंत्रियों की संख्या निर्धारित संवैधानिक सीमा से अधिक नहीं हो सकती। साय सरकार में तीन नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद मंत्रिपरिषद की संख्या 14 हो गई है। इसी 14वें मंत्री की नियुक्ति को जनहित याचिका में चुनौती दी गई है, याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग और मंत्रिपरिषद के सभी 14 सदस्यों को पक्षकार बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने से रुकी थी सुनवाई

हाईकोर्ट में 2 सितंबर 2025 को सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से बताया गया था कि याचिका में उठाया गया मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में पहले से विचाराधीन मामले से जुड़ा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले की स्थिति स्पष्ट होने तक अपनी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई थी। इससे पहले 29 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने जनहित याचिकाकर्ता वासुदेव चक्रवर्ती की पात्रता और सामाजिक कार्यों को लेकर भी जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने उनसे अपने सामाजिक कार्यों और गतिविधियों का विवरण शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करने को कहा था। इसके अनुपालन में उन्होंने दस्तावेज और तस्वीरें भी प्रस्तुत की थी। फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने  याचिका को निराकृत कर दिया। इसके साथ लंबित अंतरिम और हस्तक्षेप आवेदनों का भी निपटारा कर दिया था।

हाईकोर्ट में मूल मुद्दे पर आगे बढ़ेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही समाप्त होने के बाद 1 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित समान मुद्दे का मामला अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य को वर्तमान जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। राज्य के जवाब के बाद याचिकाकर्ता को रिज्वाइंडर दाखिल करने का अवसर मिलेगा। जवाब और रिज्वाइंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला फिर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
content://com.whatsapp.provider.media/item/c3877cfc-ac4a-420a-b403-abbe10652ccd content://com.whatsapp.provider.media/item/7eceb051-7fa2-4c59-b61b-4a5d53ada0f9