बिलासपुर. बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा फर्जीवाड़ा मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसियों ने मामले में CIMS पुलिस चौकी में पदस्थ रहे दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वे कथित फर्जीवाड़ा गिरोह को अस्पताल में आने वाले मामलों की सूचना उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान **रामकुमार पाटनवार** (बंधवापारा, सरकंडा) और **रामेश्वर भास्कर** (सतनाम नगर, अमेरी) के रूप में हुई है। दोनों अलग-अलग समय में CIMS पुलिस चौकी में पदस्थ रहे थे।
### **जांच एजेंसियों का दावा**
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर गिरोह को अस्पताल में शव पहुंचने की सूचना देते थे। आरोप है कि इसी सूचना के आधार पर गिरोह फर्जी सर्पदंश का मामला तैयार कर मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया को अंजाम देता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने मामलों में इस तरह की कथित अनियमितता की गई।
### **रिमांड में हो सकती है अहम पूछताछ**
पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान फर्जीवाड़े के नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इसी को देखते हुए दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
**फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवा
ई की जाएगी।**


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