मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और अमानवीय मामला सामने आया है, जहां माटा हल्का के पटवारी नीलेश नामदेव ने अपनी जूते-चप्पल भीगने से बचाने के लिए एक बुजुर्ग ग्रामीण की पीठ पर बैठकर नाला पार किया। इस घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच के बाद आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक सरकारी सेवक अपने पद की गरिमा को ताक पर रखकर एक वृद्ध व्यक्ति की लाचारी का फायदा उठा रहा है। घटना सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने न केवल इस अमानवीय कृत्य की निंदा की, बल्कि संबंधित पटवारी पर भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पटवारी क्षेत्र में लंबे समय से तानाशाही रवैया अपना रहा था और जनता के कामों के एवज में परेशान करता था।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वायरल तस्वीर के आधार पर शुरुआती जांच पूरी कर ली गई है, जिसमें पटवारी दोषी पाया गया है। अनुशासनहीनता और अमानवीय व्यवहार के चलते पटवारी नीलेश नामदेव का निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अन्य गंभीर आरोपों की भी गहनता से जांच की जा रही है, ताकि इस मामले में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


.webp)
