देहरादून. उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एलोपैथिक दवाइयों के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान लाखों रुपये की नकली दवाइयों के साथ भारी मात्रा में अवैध शराब और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई।
एसटीएफ ने कोविल बायोटैक नामक इकाई पर छापा मारकर बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी **धीरेंद्र** को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में कई नामी फार्मा कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक और जीवन रक्षक दवाइयों का निर्माण कर बाजार में सप्लाई कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान करीब **एक लाख टैबलेट** और **15 हजार सिरप की बोतलें** बरामद की गईं। इनमें अम्लता, एंटीबायोटिक, दर्द, नसों की बीमारी, प्रोस्टेट, कैल्शियम और आयरन की कमी जैसी बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाइयां शामिल हैं।
पूछताछ के बाद एसटीएफ ने आरोपी की निशानदेही पर एनएच-74 स्थित एक गोदाम में भी छापा मारा। वहां से तैयार नकली दवाइयों के अलावा **1,632 क्वार्टर मैकडॉवेल नंबर-1**, **1,016 बोतल अवैध शराब**, उत्तराखंड आबकारी विभाग के होलोग्राम, रैपर, ढक्कन और अन्य पैकिंग सामग्री बरामद की गई। आरोपी ने हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात भी स्वीकार की है।
छापेमारी में अल्कासोल, सेफीफीन-200, सनक्लेव, गैबैपिन, वेल्टम, रुबर्ड सस्पेंशन, ऑस्टोकैल्शियम बी12 और सोमप्राज समेत कई ब्रांड नामों से तैयार नकली दवाइयां, एसएस टैंक, फिलिंग, सीलिंग, लेबलिंग मशीनें और अन्य निर्माण उपकरण भी जब्त किए गए।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बाजपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया है। अवैध शराब की बरामदगी के संबंध में आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ का कहना है कि इस फर्जी दवा और अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


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