नई दिल्ली.नागरिकता सत्यापन में पासपोर्ट के उपयोग को लेकर चल रही बहस के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि **पासपोर्ट भारतीय नागरिकों के विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला यात्रा दस्तावेज़ (Travel Document) है, न कि नागरिकता का प्रमाण।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता **रणधीर जायसवाल** ने 24 जून 2026 को **पासपोर्ट सेवा दिवस** के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट किया। उन्होंने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाने संबंधी सवाल पर कहा कि मंत्रालय का रुख पहले से ही स्पष्ट है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
प्रवक्ता ने कहा कि पासपोर्ट का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को विनियमित करना है। इसे नागरिकता के अंतिम या स्वतंत्र प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता।
इस दौरान उन्होंने **2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट** के एक फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें अदालत ने भी कहा था कि **पासपोर्ट अपने आप में भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है।**
विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद नागरिकता सत्यापन और विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में दस्तावेज़ों की वैधता को लेकर चल रही चर्चा को नया आयाम मिला है। मंत्रालय ने दोहराया कि नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों और सक्षम प्राधिकरणों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है, न कि केवल पासपोर्ट के आधार पर।

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