रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 540 करोड़ रुपये के कथित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे जुड़े अन्य मामलों में भी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि शराब घोटाले और कस्टम मिलिंग मामले में भी उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जा सकता है।
कोल लेवी के बाद अब शराब मामले में कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, कोल लेवी मामले में पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को अन्य मामलों से जुड़े इनपुट भी मिले हैं। इसी आधार पर करीब 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में भी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। फिलहाल आरोपी ईओडब्ल्यू की रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ जारी है।
कस्टम मिलिंग मामले में भी बढ़ सकती है मुश्किल
जांच एजेंसियों का दावा है कि शराब मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 175 करोड़ रुपये के कथित कस्टम मिलिंग मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पार्टी फंड के नाम पर रकम जुटाने का आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कथित तौर पर बड़ी रकम पार्टी फंड के नाम पर जुटाई जाती थी। एजेंसियों का दावा है कि यह राशि बोरियों और कार्टनों में भरकर पहुंचाई जाती थी। मामले में जब्त दस्तावेजों, डायरी और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर लेन-देन की जांच जारी है। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
हवाला नेटवर्क और ईडी की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित तौर पर जुटाई गई राशि का कुछ हिस्सा हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजे जाने और कुछ राशि के निवेश किए जाने की भी जांच की जा रही है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आवश्यक कानूनी अनुमति मिलने के बाद ईडी भी अपनी ओर से आगे की कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के
बाद ही स्पष्ट होगा।

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