बिलासपुर. नगर निगम सीमा से लगे ग्राम पंचायत महमंद में कृषि भूमि पर कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति प्लॉटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के संकेत दिए हैं। मामले में करीब 35 एकड़ कृषि भूमि पर प्लॉटिंग किए जाने का दावा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि पर प्लॉट विकसित कर बिक्री की जा रही है। मौके पर सड़क जैसी प्रारंभिक संरचनाएं दिखाई दे रही हैं, जबकि बिजली, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव की बात भी सामने आई है। वहीं, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) से आवश्यक स्वीकृति और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के पालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
नियमों के अनुसार, कृषि भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित करने से पहले भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमतियां लेना अनिवार्य होता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस संबंध में **एसडीएम मनीष साहू** ने कहा कि बिना अनुमति प्लॉटिंग की शिकायत मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्लॉट की खरीद से पहले खरीदारों को टीएंडसीपी की स्वीकृति, भूमि की कानूनी स्थिति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य कर लेना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी या बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानी से ब
चा जा सके।

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