स्थानीय प्रशासनिक कार्यक्रम में उस समय सियासी माहौल गरमा गया जब तोखन साहू ने मंच से ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों—विधायक और पार्षदों—को समय पर सूचना नहीं दिए जाने को लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
तोखन साहू ने मंच से ही कहा कि जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए CMO को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में सभी संबंधित प्रतिनिधियों को उचित सूचना सुनिश्चित करने की बात कही।
इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया और राजनीतिक हलचल तेज हो गई। स्थानीय स्तर पर इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है, जिसमें प्रशासनिक समन्वय और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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