बिलासपुर. केंद्र सरकार की अमृत मिशन (AMRUT Mission) के तहत रतनपुर में 78 करोड़ रुपये की पाइपलाइन परियोजना विवादों में घिर गई है। नगर पालिका के 13 पार्षदों ने परियोजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए बिलासपुर कलेक्टर से शिकायत की है। पार्षदों का दावा है कि करीब 25 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। कलेक्टर ने शिकायत को टीएल में शामिल कर जांच के निर्देश दिए हैं।
25 करोड़ भुगतान, लेकिन काम पर सवाल
शिकायत के अनुसार, परियोजना में टेंडर की शर्तों और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। पार्षदों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के कार्य में पारदर्शिता का अभाव है और निर्माण स्थल पर आवश्यक सूचना बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को परियोजना की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
घटिया निर्माण सामग्री और गुणवत्ता पर उठे सवाल
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि कार्य में मानक गुणवत्ता के पाइपों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही पानी की टंकी निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के कार्य में भी निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि कुशल तकनीकी कर्मचारियों के बजाय सामान्य मजदूरों से काम कराया जा रहा है।
बारिश में बढ़ सकती हैं लोगों की मुश्किलें
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शहर में कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। उचित भराई और पाइप पैकिंग नहीं होने से बारिश के दौरान सड़क धंसने और आवागमन बाधित होने की आशंका है।


