बिलासपुर, 9 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में मानसून के मौसम के दौरान फैलने वाली संक्रामक और जल-जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सामाजिक संगठन अब जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गए हैं। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रोटरी ई-क्लब ऑफ बिलासपुर यूनाइटेड द्वारा कोटा विकासखंड के दूरस्थ औरापानी आंगनबाड़ी केंद्र में एक विशाल स्वास्थ्य सुरक्षा, निःशुल्क चिकित्सा एवं जन-जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और दूषित जल से होने वाले संक्रामक रोगों के प्रसार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से कोटा क्षेत्र के जरूरतमंद और ग्रामीण परिवारों को बीमारियों से बचाने के लिए आवश्यक रक्षात्मक सामग्रियों का वितरण किया गया। मलेरिया और डेंगू के मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए 1500 मच्छरदानियों का वितरण किया गया, वहीं बारिश के दिनों में दूषित पानी से फैलने वाले हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी बीमारियों को रोकने के उद्देश्य से ग्रामीणों को 500 क्लोरीन की बोतलें प्रदान की गईं। इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को क्लोरीन के सही उपयोग की विधि समझाते हुए बताया कि पानी में सीमित मात्रा में क्लोरीन डालकर उसे पीने योग्य कैसे बनाया जाए, ताकि जल-जनित संक्रमण से पूरे परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।
वितरण कार्य के साथ-साथ शिविर स्थल पर एक वृहद मेडिकल चेकअप और डायग्नोस्टिक कैंप का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की शारीरिक जांच की गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया और मौसमी बीमारियों से बचाव की दवाइयां प्रदान कीं। इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को अपने घरों और आंगन के आसपास पानी जमा न होने देने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और बारिश के मौसम में हमेशा उबला हुआ या क्लोरीन युक्त शुद्ध पानी पीने की सलाह दी।
रोटरी ई-क्लब के इस जन-कल्याणकारी प्रयास में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का भी विशेष सहयोग देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम कोटा श्री प्रवेश पैकरा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल उपस्थित रहे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविर का निरीक्षण किया और रोटरी ई-क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों के प्रति समय पर जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। कार्यक्रम के सुचारू संचालन और समन्वय में बीपीएम श्वेता, मलेरिया नोडल अधिकारी श्री वैष्णव तथा तहसीलदार राहुल साहू का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोटरी ई-क्लब ऑफ बिलासपुर यूनाइटेड के अध्यक्ष रोटेरियन प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि बीमारी होने के बाद इलाज कराने से कहीं अधिक बेहतर है कि समय रहते उसकी रोकथाम के उपाय किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही समय पर जन-जागरूकता और आवश्यक साधन उपलब्ध कराना ही स्वास्थ्य सुरक्षा की पहली शर्त है और रोटरी ई-क्लब भविष्य में भी बिलासपुर जिले के सुदूर एवं वंचित क्षेत्रों में इस तरह के जन-सेवा प्रकल्पों को निरंतर चलाता रहेगा।
इस बड़े पैमाने के राहत और स्वास्थ्य प्रकल्प को सफल बनाने में रोटरी ई-क्लब के सदस्यों ने व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ धरातल पर सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर संस्था के सचिव रोटेरियन रौनक साव गुप्ता, कोषाध्यक्ष रोटेरियन विमलेश अग्रवाल, डॉ. सुनील केडिया, डॉ. मनोज राय, पीयूष गुप्ता, चरनजीत गंभीर, डॉ. सिद्धार्थ वर्मा, शैलेश अग्रवाल, अखिलेश अग्रवाल, शरद अग्रवाल, अविनाश अग्रवाल एवं नितेश अग्रवाल सहित क्लब के अनेक गणमान्य सदस्य एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




