रायपुर / गुवाहाटी. पूर्वोत्तर राज्य असम में मूसलाधार बारिश के बाद विकराल हुए बाढ़ के संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मानवीय आधार पर बड़ा सहयोग दिया है। मध्य भारत के इस राज्य ने पूर्वोत्तर में अपने प्रभावित नागरिकों के साथ एकजुटता दिखाते हुए राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए **5 करोड़ रुपये** की वित्तीय सहायता की अधिकारिक घोषणा की है।
## मुख्यमंत्री स्तर पर सीधी बातचीत
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा से टेलीफोन पर वार्ता कर राज्य के जमीनी हालात का जायजा लिया। फोन पर हुई इस चर्चा के दौरान असम में नदियों के उफान, जलभराव और विस्थापित आबादी के पुनर्वास संबंधी जरूरतों पर बात हुई।
छत्तीसगढ़ प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह वित्तीय योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष से सीधे असम सरकार को स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, चिकित्सा आपूर्ति और बुनियादी ढांचे की मरम्मत का कार्य तत्काल तेजी से शुरू हो सके।
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## संवेदनशीलता और साझा एकजुटता का संदेश
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी बयान में यह संदेश दिया गया है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद आपदा की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के लोगों के साथ खड़ी है।
> *"असम में अचानक आए इस गंभीर संकट के समय छत्तीसगढ़ की पौने तीन करोड़ जनता असम के अपने भाइयों और बहनों की पीड़ा में उनके साथ खड़ी है। सहायता राशि का यह निर्णय अंतर-राज्यीय सहयोग और संवेदनशीलता की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"*
बयान में यह भी जोड़ा गया कि पवित्र पीठ माँ कामाख्या से प्रार्थना की गई है कि वे सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को शक्ति प्रदान करें और राज्य में जल्द से जल्द जनजीवन सामान्य हो।
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## पूर्वोत्तर में राहत कार्यों को मिलेगा बल
असम में आई विनाशकारी बाढ़ से बुनियादी ढांचे और कृषि योग्य भूमि को व्यापक नुकसान पहुँचा है। छत्तीसगढ़ द्वारा दी जा रही सहायता राशि का उपयोग प्राथमिक रूप से:
1. **अस्थायी राहत शिविरों के संचालन:** बाढ़ विस्थापितों के लिए स्वच्छ पानी, राशन और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में।
2. **आधारभूत संरचना का जीर्णोद्धार:** क्षतिग्रस्त तटबंधों, सड़कों और स्थानीय पहुंच मार्गों की त्वरित मरम्मत में किया जाएगा।


