केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने ब्रिक्स शहरीकरण फोरम 2026 में भारत–रूस शहरी सहयोग को दी नई दिशा, वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भागीदारी

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केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने ब्रिक्स शहरीकरण फोरम 2026 में भारत–रूस शहरी सहयोग को दी नई दिशा, वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भागीदारी

 






नई दिल्ली, 11 जून 2026. केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में सहभागिता की।






भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित इस महत्वपूर्ण मंत्रीस्तरीय मंच का विषय “लोगों के लिए शहर: समावेशी और लचीले शहरी भविष्य के लिए ब्रिक्स सहयोग” रखा गया है। फोरम में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित ब्रिक्स देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, शहरी विकास विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता शामिल हुए। इस अवसर पर भारत की शहरी कहानियाँ प्रकाशन का विमोचन भी किया गया, जिसमें देशभर में संचालित अभिनव एवं परिवर्तनकारी शहरी विकास पहलों को प्रदर्शित किया गया है।


*भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक में शहरी विकास सहयोग पर विस्तृत चर्चा*


 फोरम के अवसर पर भारत और रूस के मध्य द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई, जिसकी सह-अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं रूस संघ के निर्माण, आवास एवं उपयोगिता विभाग के उप मंत्री श्री यूरी मुत्सेनेक ने की।


बैठक में दोनों देशों के बीच शहरी विकास, आवास, आधुनिक निर्माण तकनीक, बहु-माध्यमीय परिवहन, एकीकृत गतिशीलता समाधान, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन तथा डिजिटल शहरी प्रशासन जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई।


श्री साहू ने कहा कि भारत और रूस के संबंध परस्पर विश्वास, रणनीतिक साझेदारी एवं जन-जन के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का सहयोग अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर आवास, शहरी अवसंरचना, परिवहन प्रणाली एवं डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहा है।


उन्होंने कहा कि तीव्र शहरीकरण, बहु-स्तरीय प्रशासनिक समन्वय तथा विरासत संरक्षण जैसी चुनौतियाँ दोनों देशों के लिए समान हैं और इनके समाधान हेतु अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री साहू ने भारत में तेजी से हो रहे शहरी परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक लगभग 85 करोड़ भारतीय शहरी क्षेत्रों में निवास करेंगे, जिससे शहरी विकास भारत की विकास यात्रा का प्रमुख आधार बनेगा।


बैठक में भारत की ओर से सहयोग को और सुदृढ़ करने हेतु संस्थागत समन्वय बढ़ाने, प्रस्तावित सतत शहरी विकास समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने, किफायती आवास, मॉड्यूलर निर्माण तकनीक, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन एवं राष्ट्रीय शहरी शिक्षण मंच के माध्यम से तकनीकी आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने सहित पाँच प्रमुख प्राथमिकताओं का प्रस्ताव रखा गया।


*ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल के साथ संसद भवन एवं भारत की लोकतांत्रिक विरासत का अवलोकन*


फोरम के अंतर्गत श्री तोखन साहू ने ब्रिक्स देशों के मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों के साथ संसद भवन, संविधान सदन एवं कर्तव्य पथ स्थित इंडिया गेट का भ्रमण भी किया। इस दौरान प्रतिनिधियों को भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय विरासत एवं संवैधानिक मूल्यों से परिचित कराया गया।


इस अवसर पर  साहू ने कहा कि यह अनुभव “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को और सुदृढ़ करता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लोकतंत्र, विकास और सुशासन का वैश्विक उदाहरण बनकर उभरा है।दिन का समापन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ।


श्री तोखन साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रिक्स देशों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान एवं सहयोगात्मक प्रयासों से सतत, समावेशी और लचीले शहरी विकास के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित शहरों का निर्माण सुनिश्चित होगा।

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