Breaking : छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ सहायता, 240 ई-बसों को हरी झंडी, पावर कंपनी का IPO मंजूर

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Breaking : छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ सहायता, 240 ई-बसों को हरी झंडी, पावर कंपनी का IPO मंजूर

 









दिनांक : 09 जून 2026. 1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।








2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।


इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 


निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।


4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।


5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है। 


इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।


6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।


7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। 


भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया। 


इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी। 


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