गेवरा/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा और दीपका क्षेत्र में कोयला चोरी, अवैध खनन तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के नवपदस्थ उप महानिरीक्षक (DIG) रघुवीर नरेन ने पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में सुरक्षा संबंधी नई रणनीतियों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
DIG रघुवीर नरेन ने बताया कि भारत सरकार एवं कोल मंत्रालय के निर्देशानुसार अब खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत CISF को सक्षम न्यायालय में सीधे अभियोजन वाद प्रस्तुत करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त हो गया है। इससे कोयला चोरी, अवैध खनन और खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
MMDR एक्ट की धारा 21 के तहत अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण से जुड़े मामलों में दोषियों को 5 वर्ष तक के कारावास और भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। लगातार नियमों का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन 50 हजार रुपये तक अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इसके अलावा प्रशासन को अवैध गतिविधियों में उपयोग किए जा रहे वाहनों, मशीनों और उपकरणों को मौके पर ही जब्त करने का अधिकार होगा। अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के मूल्य, रॉयल्टी और अन्य देय राशि की भी सख्ती से वसूली की जाएगी।


