मामले में 10 मार्च 2026 को नायब तहसीलदार की ओर से संबंधित मार्ग का सीमांकन कराने के लिए टीम गठित करने और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। अब सवाल यह है कि आदेश के बाद विधिवत सीमांकन हुआ या नहीं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मौके पर सीमांकन के बजाय नजरी नक्शे के आधार पर सड़क की चौड़ाई 60 फीट दर्शाई गई। यदि सीमांकन हुआ है तो उसकी रिपोर्ट, मापन विवरण और पंचनामा सामने क्यों नहीं आया, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मास्टर प्लान दरकिनार करते हुए निर्माण
एक ओर मास्टर प्लान और पीडब्ल्यूडी के प्रमाणित रिकॉर्ड में 80 फीट दर्ज है, दूसरी ओर मौके पर 60 फीट के आधार पर नाली निर्माण होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में नागरिक यह जानना चाहते हैं कि निर्माण के लिए 60 फीट की चौड़ाई का आधार कौन सा दस्तावेज या आदेश है।
भविष्य में होगी दिक्कत
साइंस कॉलेज, आवासीय क्षेत्रों और चांटीडीह सब्जी मंडी को जोड़ने वाला यह मार्ग यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। नागरिकों का कहना है कि यदि वर्तमान निर्माण 60 फीट के आधार पर पूरा हुआ तो भविष्य में 80 फीट के अनुसार सड़क विकसित करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए उन्होंने मास्टर प्लान, पीडब्ल्यूडी रिकॉर्ड, सीमांकन आदेश व रिपोर्ट तथा भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।


