बिलासपुर. गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर में व्यापक तबाही मचा दी। जलभराव की सबसे गंभीर स्थिति सरकंडा क्षेत्र के करीब 18 वार्डों में देखने को मिली, जहां हजारों परिवारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। कई झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि पक्के मकानों में नालियों का गंदा पानी घुसने से घरेलू सामान, राशन और फर्नीचर खराब हो गए।
बारिश थमने के बाद जलस्तर तो घटा, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में कीचड़, बदबू और सड़ांध ने लोगों की मुश्किलें कम नहीं होने दीं। कई गलियां दलदल में तब्दील हो गई हैं और जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त होने से आवागमन भी प्रभावित है। प्रभावित परिवारों के सामने अब घरों की सफाई, आवश्यक सामान की व्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बारिश का सबसे अधिक असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ा है। कई घरों में बच्चों की किताबें, कपड़े, बिस्तर और अन्य जरूरी सामान पानी में भीगकर खराब हो गए। रसोई में रखा राशन भी बर्बाद हो जाने से कई परिवारों के सामने भोजन की व्यवस्था का संकट पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र सफाई, जलनिकासी, स्वास्थ्य सुरक्षा और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सामान्य जनजीवन जल्द बहाल हो सके।

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