चांपा (जांजगीर-चांपा) | 19 जुलाई, 2026. भू-माफियाओं और प्रशासनिक साठगांठ के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, चांपा पुलिस ने करीब 70 साल पुरानी एक बेशकीमती ज़मीन से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। जालसाजों ने करोड़ों रुपये मूल्य की इस ज़मीन को हड़पने के लिए राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की, फर्जी पहचान पत्र तैयार किए और एक बुजुर्ग को झांसे में लेकर जबरन मुख्तियारनामा (पॉवर ऑफ अटॉर्नी) लिखवा लिया।
प्रारंभिक जांच के बाद चांपा पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप ठाकुर और संतोष यादव सहित अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेज़ों में हेरफेर की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
1954 से सोनी परिवार के नाम दर्ज थी भूमि
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा चांपा निवासी पुरुषोत्तम सोनी द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद हुआ। शिकायत के मुताबिक, ग्राम चांपा स्थित खसरा नंबर 958 की 5 डिसमिल भूमि वर्ष 1954-55 से सरकारी राजस्व अभिलेखों में उनके दादा गोकुल सोनी के नाम पर दर्ज थी।
फर्जीवाड़े का यह खेल साल 1985-86 में शुरू हुआ, जब तहसील कार्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में कथित रूप से छेड़छाड़ की गई। असली मालिक के नाम पर कटिंग और ओवरराइटिंग करके इस ज़मीन को गुपचुप तरीके से महासमुंद जिले के मल्दामाल निवासी 'गोकुल भोई' के नाम पर स्थानांतरित कर दिया गया था।

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