वैद्यशाला के निःशुल्क आयुर्वेद शिविर में उमड़ा सैलाब: पाइल्स, फिशर और फिस्टुला की हुई निःशुल्क जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में 900 मरीजों ने उठाया लाभ, आज होगा समापन
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वैद्यशाला के निःशुल्क आयुर्वेद शिविर में उमड़ा सैलाब: पाइल्स, फिशर और फिस्टुला की हुई निःशुल्क जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में 900 मरीजों ने उठाया लाभ, आज होगा समापन

 






बिलासपुर के नेहरू चौक स्थित अरपा पुल के पास संचालित प्रतिष्ठित **'वैद्यशाला आयुर्वेद चिकित्सा एवं संस्थान'** में चल रहे 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के पावन अवसर पर आयोजित 7 दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आज (रविवार, 4 अक्टूबर 2026) भव्य समापन होने जा रहा है। "स्वस्थ व्यक्ति हेतु आयुर्वेद" के थीम पर आधारित इस महा-शिविर ने बिलासपुर ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और विभिन्न जिलों से आए हजारों रोगियों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। शिविर के छठे दिन तक लगभग 896 से अधिक रोगियों ने अपनी गंभीर बीमारियों की जांच कराकर अचूक आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ उठाया है, जिसमें अकेले पाइल्स के 214, फिशर के 135 और फिस्टुला (भगंदर) के 165 मरीज शामिल रहे। इनके अलावा वातरोग, त्वचा रोग, डायबिटीज, शिशु रोग तथा स्त्री रोगों (जैसे इनफर्टिलिटी और अनियमित मासिक धर्म) से पीड़ित मरीजों ने भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।









इस शिविर का सबसे बड़ा आकर्षण संस्थान द्वारा पिछले 14 वर्षों से चलाई जा रही वह अनूठी पहल है, जिसके तहत 24 जरूरतमंद रोगियों की निःशुल्क क्षारसूत्र शल्य-क्रिया (Surgery) पूरी तरह संस्था के खर्च पर कराई जाती है। महर्षि सुश्रुत की प्राचीन शल्य तकनीक—हल्दी चूर्ण, चिरचिरे की भस्म और स्नूही (थूहर) के दूध के अनूठे संयोग से तैयार क्षारसूत्र पद्धति—आज आधुनिक चिकित्सा के दौर में भी मलद्वार के रोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। शिविर में डॉक्टरों का विशेष जोर इस बात पर रहा कि आधुनिक जीवनशैली और कब्ज (मलबद्धता) ही इन गंभीर बीमारियों की असली जड़ हैं, जिन्हें खानपान और दिनचर्या में सुधार कर आसानी से हराया जा सकता है। मरीजों को इस बारे में जागरूक करने के लिए निःशुल्क पत्र-पत्रिकाओं का भी वितरण किया जा रहा है।


इस सफल आयोजन को सफल बनाने में शहर के 7 दिग्गज और अनुभवी चिकित्सकों की टीम पूरी तन्मयता से जुटी हुई है। इनमें सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. मनोहर जी. टेकचंदानी, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विमल शर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण वर्मा, शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मोनिष्का शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचला तिवारी, डॉ. ऋचा सोनी और संस्था के संस्थापक व कोट्टकल (केरल) से पंचकर्म प्रशिक्षित डॉ. मनोज चौकसे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चूंकि आज शिविर का अंतिम दिन है और भारी संख्या में मरीजों के उमड़ने की संभावना है, इसलिए जो लोग इस स्वास्थ्य लाभ से वंचित रह गए हैं, वे तुरंत नेहरू चौक स्थित संस्थान में पहुंचकर या मोबाइल नंबर 86028-11002 व 07752-412224 पर संपर्क कर अपना अग्रिम पंजीयन करवा सकते हैं।

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