बिलासपुर। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लागू किए जा रहे विभिन्न सामाजिक-शैक्षणिक नियमों और आरक्षण नीति के खिलाफ 'समग्र सवर्ण समाज' ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। समाज की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जातिगत आरक्षण को पूरी तरह समाप्त कर केवल आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की जोरदार मांग उठाई गई।
बैठक में 'अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' के विभिन्न प्रावधानों को एकतरफा बताते हुए उनका विरोध किया गया। साथ ही, यूजीसी एक्ट के नए दिशा-निर्देशों और कर्नाटक सरकार द्वारा प्रस्तावित 'रोहित वेमुला बिल' को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई। समाज का तर्क है कि इन बदलावों से सामाजिक समरसता प्रभावित होगी और फर्जी मुकदमों की आशंका बढ़ेगी।
चार संवैधानिक प्रमुखों के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
सवर्ण समाज के प्रतिनिधि आज 27 अगस्त (गुरुवार) को दोपहर 12:30 बजे भारी संख्या में बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे। वे कलेक्टर के माध्यम से देश और प्रदेश के सर्वोच्च पदों पर आसीन महानुभावों को अपना ज्ञापन प्रेषित करेंगे:


.webp)
