बिलासपुर। नगर निगम की व्यापार विहार स्थित जमीन के कथित आवंटन को लेकर लगाए गए रिश्वत और अनियमितता के आरोपों पर पूर्व महापौर रामशरण यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
रामशरण यादव ने कहा कि उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से झूठी शिकायत की गई है। उन्होंने दावा किया कि आरोपों में कोई तथ्य नहीं है और उन्हें जानबूझकर विवाद में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व महापौर ने कहा कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे और झूठे आरोप लगाने वाले लोगों के खिलाफ मानहानि का दावा दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि बिना किसी प्रमाण के लगाए जा रहे आरोप न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की छवि को भी प्रभावित करते हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो सभी तथ्य सामने आ जाएंगे और सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
गौरतलब है कि नगर निगम की व्यापार विहार स्थित जमीन के कथित आवंटन को लेकर हाल ही में शिकायत दर्ज कर रिश्वत और अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है। फिलहाल संबंधित शिकायत की जांच और आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।


