लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा पर 'डोनेशन फर्स्ट' की राजनीति करने के आरोप के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मामले को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
अखिलेश ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
प्रयागराज में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा 'नेशन फर्स्ट' नहीं बल्कि 'डोनेशन फर्स्ट' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
अखिलेश ने कहा कि उनका मुद्दा अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन करना नहीं, बल्कि मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय मामलों की सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि इटावा के केदारेश्वर धाम में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वह अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अयोध्या के विकास की बात करती है, लेकिन यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
कई अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को पेपर लीक, सरकारी भर्तियों, आरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी घेरा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
VHP का जवाब- दोषी मिला तो नहीं बख्शा जाएगा
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने अखिलेश यादव के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी और किसी को भी संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस विषय को चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
योगी आदित्यनाथ का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अयोध्या पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने अखिलेश को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी अपना स्पष्ट रुख बताने की चुनौती दी।
योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति केवल विरोध तक सीमित रही है और उनकी सरकार के समय रामभक्तों के साथ हुए व्यवहार को जनता भूली नहीं है।
RSS ने राजनीति से बचने की अपील की
RSS के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि जांच पूरी होने तक इस संवेदनशील विषय पर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी से बचें।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने अयोध्या की धार्मिक गरिमा बनाए रखने की भी अपील की।
जांच के बीच तेज हुई सियासी जंग
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्ष सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा, RSS और VHP जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए पारदर्शिता की बात कह रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।


