बिलासपुर। जिले के तखतपुर नगर में संचालित केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत मिशन 2.0 योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से शहर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाई जा रही इस परियोजना में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, योजना के तहत शहर में लगभग 36 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है, ताकि नागरिकों को बेहतर और नियमित पेयजल सुविधा मिल सके। लेकिन वार्ड क्रमांक-9 स्थित पटेल मोहल्ला में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित स्थान पर पाइपलाइन बिछाए बिना ही खुदाई किए गए गड्ढों को भर दिया गया और उसके ऊपर सीसी सड़क का निर्माण कर दिया गया।
यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह केवल निर्माण कार्य में लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग और संभावित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला सामने आने के बाद अमृत मिशन 2.0 के कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।

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