जन सहयोग से सुरक्षित और स्मार्ट बिलासपुर की ओर बड़ा कदम त्रिनेत्र योजना,कलेक्टर-एसपी का विजन, जनता का संकल्प: ‘त्रिनेत्र’ की नजर में होगा पूरा बिलासपुर

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जन सहयोग से सुरक्षित और स्मार्ट बिलासपुर की ओर बड़ा कदम त्रिनेत्र योजना,कलेक्टर-एसपी का विजन, जनता का संकल्प: ‘त्रिनेत्र’ की नजर में होगा पूरा बिलासपुर


      


 शनिवार 6 जून. त्रिनेत्र बनेगा बिलासपुर का सुरक्षा प्रहरी,,सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और ट्रैफिक प्रबंधन को एक मंच पर लाएगी 15 करोड़ की जनभागीदारी परियोजना; 1000 हाईटेक कैमरों से बनेगा नया निगरानी तंत्र




अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती,

त्रिनेत्र सेवा समिति के अंतर्गत शहर में लगेंगे 1000 अत्याधुनिक हाईटेक सी सी टीवी कैमरे,,

  कलेक्टर ,एसएसपी, और त्रिनेत्र सेवा समिति के सदस्यों ने दी प्रेस वार्ता में जानकारी,

जन सहयोग से त्रिनेत्र सेवा समिति लक्ष्य को करेगी पूर्ण, जो बिना किसी सरकारी बजटीय प्रावधान के पूर्णतया जन सहयोग और कारपोरेट सामाजिक दायित्व सीएसआर के माध्यम से साकार की जा रही है, समिति ने बताया की शहर की सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की ही जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझी  जिम्मेदारी है।

  ,,  सम्माननीय नागरिक जनों से सुरक्षित, सजग, और स्मार्ट बिलासपुर  के निर्माण में  सभी से सहयोग करने की अपील के साथ त्रिनेत्र सेवा समिति जुड़ने का आग्रह,,

,,बिलासपुर... किसी शहर को बदलने के लिए केवल सरकारी योजनाएं काफी नहीं होतीं, उसके लिए नागरिकों का भरोसा, प्रशासन की इच्छाशक्ति और समाज की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी होती है। बिलासपुर में शुक्रवार को इसी सोच को आकार मिला, जब कलेक्टर संजय अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की पहल पर गठित त्रिनेत्र सेवा समिति ने एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना का खाका सामने रखा, जिसका उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, यातायात और नागरिक अनुशासन को एक ही मंच पर लाना है।

जनभागीदारी से बदलेगा शहर का सुरक्षा ढांचा

करीब 15 करोड़ रुपये की लागत वाली इस जनभागीदारी परियोजना के तहत शहर में लगभग एक हजार अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि यह परियोजना किसी सरकारी मद से नहीं, बल्कि नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, उद्योग जगत, समाजसेवियों और सीएसआर सहयोग से संचालित होगी। यही कारण है कि इसे केवल सीसीटीवी परियोजना नहीं, बल्कि जनता के लिए, जनता द्वारा तैयार किया गया सुरक्षा मॉडल माना जा रहा है।

अधिकारियों से नहीं, नागरिकों से चलेगी परियोजना

पत्रकार वार्ता में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि अक्सर बड़े प्रोजेक्ट किसी अधिकारी की पहल से शुरू होते हैं और उसके स्थानांतरण के बाद धीरे-धीरे उनकी गति कम हो जाती है। त्रिनेत्र परियोजना को इसी सोच से अलग रखा गया है। इसके संचालन की जिम्मेदारी शहर के लोगों के हाथ में रहेगी। चेम्बर ऑफ कॉमर्स, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, पत्रकारों, वकीलों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नागरिकों को जोड़कर एक ऐसी संरचना तैयार की गई है, जो किसी एक व्यक्ति या पद पर निर्भर नहीं रहेगी।

हर योगदान का हिसाब, पूरी व्यवस्था पारदर्शी

कलेक्टर ने कहा कि यह बिलासपुर का अपना प्रोजेक्ट है। इसका उद्देश्य केवल कैमरे लगाना नहीं, बल्कि शहर के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना है। जब नागरिक स्वयं किसी व्यवस्था में योगदान देते हैं, तो उसके संरक्षण और सफलता की जिम्मेदारी भी स्वयं लेते हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए सीएसआर पंजीयन कराया जा चुका है और आर्थिक लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। प्रत्येक योगदान बैंकिंग माध्यम से लिया जाएगा और उसका लेखा-जोखा सार्वजनिक रहेगा।

सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर डिजिटल निगरानी

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि त्रिनेत्र परियोजना को केवल अपराध नियंत्रण के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। यह शहर की समग्र व्यवस्था को मजबूत करने वाला मॉडल है। वर्तमान में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था संचालित है, लेकिन त्रिनेत्र परियोजना इस पूरी व्यवस्था को और अधिक हाईटेक तथा प्रभावी बनाएगी।

उन्होंने कहा कि कैमरों से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्य अपराधों की जांच और अपराधियों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, लेकिन इसका लाभ केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहेगा। शहर की स्वच्छता व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को भी इससे नई मजबूती मिलेगी।

रिस्पांस टाइम घटेगा, बढ़ेगा नागरिकों का भरोसा

रजनेश सिंह ने कहा कि जब पूरा शहर एकीकृत निगरानी तंत्र से जुड़ जाएगा तो अव्यवस्थाओं की पहचान और उन पर कार्रवाई कहीं अधिक तेजी से हो सकेगी। डायल-112, पुलिस कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर के साथ जुड़ा यह नेटवर्क किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगा। इससे पुलिस का रिस्पांस टाइम कम होगा और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित बिलासपुर की कल्पना केवल बेहतर सड़कों या भवनों से पूरी नहीं होती, बल्कि एक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर ही वास्तविक विकास की पहचान है।

शहर का ऋण चुकाने का समय आ गया है

उद्योगपति प्रवीण झा ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि बिलासपुर लगातार विस्तार कर रहा है। यह शहर हमें पहचान, अवसर और सम्मान देता है। हममें से अधिकांश लोग व्यवसाय, कामकाज या अन्य कारणों से लंबे समय तक शहर से बाहर रहते हैं, लेकिन मन की चिंता हमेशा अपने शहर और अपने परिवार के लिए बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि अपनी मिट्टी का ऋण पूरी तरह कभी नहीं चुकाया जा सकता, लेकिन उसे लौटाने का प्रयास जरूर किया जा सकता है। त्रिनेत्र सेवा समिति उसी प्रयास का एक माध्यम है। जब हाईटेक कैमरे, पुलिस का सहयोग, प्रशासन की निगरानी और समाज का सहयोग एक साथ मिलेगा तो इसका लाभ केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निगम को स्वच्छता प्रबंधन में मदद मिलेगी, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिक सुविधाओं की निगरानी भी आसान होगी।

पत्रकारों की भूमिका से बनेगा जनआंदोलन

प्रवीण झा ने कहा कि यह किसी एक संस्था या व्यक्ति का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे शहर का अभियान है। इसलिए इसकी सफलता भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से पत्रकार समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार समाज की आवाज को लाखों लोगों तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। यदि मीडिया इस अभियान के साथ खड़ा होता है तो यह केवल एक परियोजना नहीं रहेगा, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि आज फिर एक बार बिलासपुर के लिए पत्रकार जगत को आगे आकर इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाना होगा।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हुआ मॉडल

उद्योगपति रामवतारा अग्रवाल ने कहा कि त्रिनेत्र परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। शहर के प्रवेश और निकास मार्गों, प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए जाने वाले कैमरे केवल निगरानी नहीं करेंगे, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से वाहनों की पहचान, गतिविधियों की ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने का काम भी करेंगे,

उन्होंने बताया कि ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जुड़ा यह सिस्टम शहर के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा ढांचा तैयार करेगा। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे शहर का विस्तार होगा, उसी अनुपात में इस नेटवर्क का विस्तार भी संभव होगा।

पहले चरण में 1000 कैमरों का लक्ष्य

त्रिनेत्र सेवा समिति के अनुसार परियोजना के पहले चरण में एएनपीआर, डोम, पीटीजेड और लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले विशेष कैमरे लगाए जाएंगे। पूरा नेटवर्क आधुनिक कंट्रोल सेंटर से संचालित होगा, जहां से शहर की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी।

पहली बार एक मंच पर दिखी पूरे शहर की ताकत

 त्रिनेत्र सेवा समिति जन सहयोग में शहर के व्यापरिजन उद्योगपति चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉक्टर एडवोकेट सामाजिक सोशल एवं विभिन्न व्यापारी संगठन के सदस्य त्रिनेत्र के माध्यम से इस लक्ष्य में योगदान निभा रहे,

बिलासपुर में इससे पहले कई विकास योजनाएं आईं और गईं, लेकिन पहली बार ऐसा अवसर सामने आया है जब प्रशासन, पुलिस, उद्योग जगत, व्यापारी, समाजसेवी, पत्रकार और आम नागरिक एक साझा उद्देश्य के साथ एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। यदि यह पहल अपने निर्धारित स्वरूप में धरातल पर उतरती है, तो आने वाले वर्षों में बिलासपुर केवल स्मार्ट नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ और सहभागी शहर के रूप में नई पहचान हासिल कर सकता है।

बिलासपुर के भविष्य के लिए जुटे शहर के प्रमुख चेहरे

पत्रकार वार्ता के दौरान त्रिनेत्र सेवा समिति के प्रेस वार्ता मे प्रमुख सदस्य उद्योगपति राम अवतार अग्रवाल, उद्योगपति प्रवीण झा, सुरेंद्र  गुंबर, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह आयुक्त प्रकाश सर्वे तथा त्रिनेत्र सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनीष अग्रवाल, प्रवीण भार्गव सौरभ सक्सेना प्रकाश सोंथलीया, राजू चूरा, एम श्रीनिवासन, विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में पत्रकारों ने सहभागिता की। मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि यह केवल कैमरों की परियोजना नहीं, बल्कि बिलासपुर को सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित बनाने का सामूहिक संकल्प है।

बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया भविष्य का बिलासपुर

प्रेस वार्ता कार्यक्रम का संचालन मनीष अग्रवाल आभार प्रदर्शन सुरेंद्र कुमार ने किया। इसके पहले मौजूद सभी पत्रकारों को बड़ी टीवी स्क्रीन पर प्रोजेक्ट की विस्तार से जानकारी दी गई। समिति के सदस्यों समेत कलेक्टर और पुलिस कप्तान ने योजना की कार्यप्रणाली, तकनीकी स्वरूप और भविष्य की रूपरेखा का प्रस्तुतीकरण किया।

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