रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के दौरान आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम नागरिकों के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद दुर्ग संभागायुक्त ने निलंबन आदेश जारी किया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान रूपेश कुमार पाण्डेय के व्यवहार से जुड़ा एक वीडियो सामने आया था। वीडियो और कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर मामले की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती और आम लोगों के साथ अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया।
संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के विपरीत है। मामले में पहले रूपेश कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार को प्राथमिकता देने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रशासन को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार पर सरकार की सख्त कार्रवाई का यह ताजा उदाहरण माना जा रहा है।


