न्यायधानी बिलासपुर में एक नियुक्ति को लेकर आबकारी विभाग चर्चा में है. दरअसल, सहायक आबकारी अधिकारी स्तर के अधिकारीआबकारी उपायुक्त जैसे महत्वपूर्ण पद पर प्रमोट किया गया है. जिसे लेकर राजनैतिक गलियारों में काना-फूसि तेज हो गई है. बातें की जा रही है
कि क्या राज्य सरकार के पास आबकारी उपायुक्त स्तर के अधिकारियों की कमी हो गई है, जिसके कारण कनिष्ठ स्तर के अधिकारी को बिलासपुर जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की कमान सौंपी गई. बिलासपुर जिले में आबकारी विभाग की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है.शराब कारोबार की निगरानी, राजस्व संग्रहण, अवैध शराब पर कार्रवाई और विभागीय नियंत्रण जैसी जिम्मेदारियां सीधे जिला आबकारी उपायुक्त के अधीन होती हैं. ऐसे महत्वपूर्ण पद पर वरिष्ठता और अनुभव को दरकिनार कर की गई नियुक्ति ने विभाग के भीतर भी असंतोष की स्थिति पैदा कर दी है.
सूत्रों की मानें तो उक्त अधिकारी को किसी प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण का लाभ मिलने की चर्चा भी जोरों पर है.हालांकि इस पूरे मामले में सरकार या आबकारी विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि विभाग में वास्तव में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी है.l इससे विभागीय पारदर्शिता और अधिकारियों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
फिलहाल बिलासपुर आबकारी विभाग की यह नियुक्ति सवालों के घेरे में है.

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