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रायपुर, 24 अक्टूबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत आधारभूत सुविधाओं के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से प्रदेश के छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को स्वीकृति मिली है। राज्य शासन ने इन भवनों के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति भी दी गई है।
नए भवन सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम में बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 45 लाख 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के विकास, स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी अनेक योजनाओं और सेवाओं का संचालन करता है। परियोजना-सह-संसाधन केंद्र इन योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय अमले के समन्वय और सेवाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों का निर्माण विभागीय कार्यों के संचालन के लिए बेहतर और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराएगा।
यह स्वीकृति केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला एवं बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर आधारभूत सुविधा से विभागीय अमले को योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिलेगी। साथ ही, महिलाओं और बच्चों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा सेवाओं की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय गतिविधियों को मजबूत करने से शासन की जनकल्याणकारी पहलें अधिक व्यवस्थित रूप से लोगों तक पहुंच सकेंगी।
शासन के आदेश के अनुसार, अगली किस्त के प्रस्ताव के साथ प्रथम किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र तथा निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना होगा। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित व्यय सीमा और शासन के नियमों के अनुरूप किया जाएगा।, 24 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरागी के आश्रित ग्राम परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से दोनों भवनों के लिए कुल 33 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
नए भवन बनने से गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुविधायुक्त स्थान मिलेगा। यह पहल वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर और आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख, माध्यमिक शाला के लिए 19.60 लाख स्वीकृत*
नवीन प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये और नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए 19 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। यह स्वीकृति डीएमएफ शासी परिषद की 11 मई 2026 को हुई बैठक के निर्णय के अनुरूप जारी की गई है। निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी गई है।
डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। परसा में स्कूल भवनों का निर्माण इसी उद्देश्य के अनुरूप किया जाएगा।
*निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगी नजर*
जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और पूरा होने के बाद स्थल के फोटो लेना अनिवार्य होगा। कार्यस्थल पर सूचना फलक लगाया जाएगा, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि तथा निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि दर्ज रहेगी।
निर्माण एजेंसी को हर महीने की 5 तारीख तक कार्य की प्रगति रिपोर्ट डीएमएफ को भेजनी होगी। साथ ही, निर्माण कार्य स्वीकृत राशि के भीतर ही पूरा करना होगा।

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