बजट 2026 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई है। इन संस्थानों से आयुर्वेद शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध को नई दिशा मिलेगी। यहां आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के साथ पारंपरिक ज्ञान को जोड़ा जाएगा, जिससे आयुर्वेद को और ज्यादा प्रमाणिक और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे देश को कुशल वैद्य, शोधकर्ता और हेल्थ प्रोफेशनल्स मिलेंगे।आयुर्वेद भारत की सांस्कृतिक विरासत ही नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक और स्वास्थ्य शक्ति भी बन सकता है।
डॉ प्रदीप शुक्ला, सदस्य चिकित्सा बोर्ड छग

