बिलासपुर। संत शिरोमणि गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गुरु घासीदास जी के विचारों की वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता पर आधारित प्रेरणादायी संबोधन देते हुए सामाजिक समरसता, समानता और मानव गरिमा का संदेश दिया।
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि "गुरु घासीदास जी का 'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है।" उन्होंने गुरु घासीदास जी के सात उपदेशों—सत्य बोलना, चोरी न करना, हिंसा से दूर रहना, परस्त्रीगमन न करना, मांस-मदिरा का त्याग, स्वच्छता एवं परिश्रम—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये उपदेश आज भी समाज को सही दिशा देने वाले हैं। साहू ने कहा कि गुरु घासीदास जी ने छुआछूत, भेदभाव और असमानता के विरुद्ध संघर्ष कर मानव गरिमा और सामाजिक समानता की स्थापना की। उनका जीवन संदेश देता है कि सच्चा विकास तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त हो।
उन्होंने आगे कहा कि "सरकार का संकल्प है कि विकास की रोशनी संसदीय क्षेत्र के अंतिम गांव तक पहुंचे। गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात कर समरस और सशक्त समाज का निर्माण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।"
गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निम्न घोषणाएं की गईं—
ग्राम भटगांव, विकासखंड मुंगेली — जैत खाम के पास कंक्रीटीकरण कार्य हेतु ₹5 लाख की घोषणा।
ग्राम अराईबंद, विकासखंड तखतपुर — सीसी रोड निर्माण हेतु ₹5 लाख की घोषणा।
ग्राम घोघाडीह, विकासखंड तखतपुर — सीसी रोड निर्माण हेतु ₹5 लाख की घोषणा।
ग्राम गोइंद्री, विकासखंड पथरिया — गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर सांसद निधि से ₹5 लाख की राशि से सीसी रोड निर्माण की घोषणा।
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु घासीदास जी का दर्शन सामाजिक चेतना के साथ-साथ विकास, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। इन घोषणाओं से संसदीय क्षेत्र के गांवों में आवागमन सुदृढ़ होगा तथा ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रमों में संबंधित ग्रामों के सरपंच, जनपद पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समरस, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया।


