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कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव के आरोप- चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी, आयोग से की शिकायत, जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया कांग्रेस प्रत्याशी के आरोपों का खण्डन

 




बिलासपुर। बिलासपुर लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि मतदान के दौरान उपयोग की गई मशीन और कमीशनिंग की गई मशीन के दस्तावेजों में कोई मिलान नहीं हो रहा है। बैलेट यूनिट, कन्ट्रोल यूनिट और वीवीपेट से सम्बधित दस्तावेज और दिए गए 17 सी के नम्बरों में भारी असमानता है। मामले की शिकायत चुनाव आयोग से 28 मई को की। अभी तक आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है


कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता में देवेन्द्र ने कहा कि बिलासपुर लोकसभा में कुल 2251 मतदान केन्द्रों में जनता ने मतदान किया। इसके पहले सभी प्रत्याशियों और प्रतिनिधियों के सामने बैलेट यूनिट, कन्ट्रोल यूनिट और वीवीपेट की कमिशनिंग की गई। सभी ईवीएम के नम्बर बताने के बाद मॉकपोल भी कराया गया। मतदान के बाद चुनाव आयोग की तरफ से प्रत्याशी यानी उन्हें 2251 मतदान केन्द्रों का लेखा जोखा प्रारूप 17 सी दिया गया, जो प्रारूप से मेल नहीं खा रहा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया कांग्रेस प्रत्याशी के आरोपों का खण्डन


L इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी द्वारा लोकसभा निर्वाचन 05 बिलारापुर अंतर्गत जिला निर्वाचन द्वारा प्रदाय की गई (रोकेण्ड रेन्डमाईजेशन रिपोर्ट, कमिशनिंग, मॉकपोल, एक्चुएल पोल) दस्तावेज एवं मतदान दलों द्वारा प्रदाय की गई प्ररूप 17C (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट एवं वी.वी.पैट) में हुए असमानता पर की गई प्रेस वार्ता का खंडन करते हुए बताया गया कि जिला निर्वाचन कार्यालय से सभी ईव्हीएम / व्हीव्हीपेट का युनिक सीरियल नंबर युक्त मशीनों की सूची प्रथम एवं द्वितीय रेण्डमाईजेशन, मशीनों की कमिशनिंग के पश्चात् एवं मतदान समाप्ति के पश्चात् सभी अभ्यर्थियों को प्रदाय की गई थी। मतदान केन्द्र पर सीलिंग के समय लगाए एड्रेस टेग ग्रीन पेपर सील एवं स्पेशल एड्रेस टेग में मतदान केन्द्र में उपस्थित मतदान अभिकर्ता के द्वारा हस्ताक्षर किये जाते है। इस दौरान किसी भी मतदान केन्द्र में किसी भी मतदान अभिकर्ता द्वारा पीठासीन अधिकारी के समक्ष किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई ।


मतदान के अगले दिवस भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक द्वारा सभी उपस्थित अभ्यर्थियों / उनके निर्वाचन अभिकर्ता के समक्ष मतदान केंद्रों में उपयोग हुए दस्तावेजों की स्क्रूटनी कर अभ्यर्थियों से आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर स्क्रूटनी की कार्यवाही पूर्ण की गई एवं समस्त दस्तावेज सामाग्रियों के लिए निर्धारित स्ट्रांग रूम में सीलिंग की गई।


मतदान केन्द्र में वास्तविक रूप से मतदान हेतु उपयोग हुए मशीनों की यूनिक सीरियल नम्बर युक्त सूची जो ईएमएस (भारत निर्वाचन आयोग की साईट) से प्राप्त की गई, अभ्यर्थियों / निर्वाचन अभिकर्ता को प्रदाय की गई है। अभ्यर्थियों / निर्वाचन अभिकर्ता की आयोजित बैठकों एवं प्रशिक्षण में भी अभ्यर्थियों को, जिला निर्वाचन कार्यालय से प्रदाय की गई इव्हीएम / व्हीव्हीपेट की युनिक सीरियल नंबर युक्त सूची को अपने मतगणना अभिकर्ता को उपलब्ध कराने व मतगणना दिवस को मतगणना हेतु लाई गई मशीन से मिलान हेतु उपयोग करने अवगत कराया गया है।


निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतगणना कक्ष में लाने वाली सामाग्रियों की सूची में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रदाय किये गये यूनिक नम्बर युक्त इव्हीएम/व्हीव्हीपेट की सूची भी सम्मिलित है। जिससे भी सभी अभ्यर्थियों को मतदान केन्द्र में उपयोग हुए मशीनों की पहचान किये जाने अवगत करा दिया गया है। इस प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा लगाया गया आरोप तथ्यों से परे है।



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