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अब होगा साय मंत्रिमंडल का विस्तार, सवाल क्या इस बार मिलेगा बिलासपुर को महत्व, या पिछली सरकार की तरह रह जाएगा मंत्री विहीन




बिलासपुर। शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के शिक्षामंत्री बनने के बाद अब छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में नए मंत्री शामिल किए जाने है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद भी बिलासपुर को मंत्री नहीं मिला है। सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार बिलासपुर को प्रतिनिधित्व मिलेगा? हालांकि लोरमी से विधायक बने अरुण साव को उप मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही लोक निर्माण विभाग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन विभाग दिया गया है। लेकिन बिलासपुर को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं है। दूसरी बार बिलासपुर वंचित छत्तीसगढ़ बनने के बाद यह दूसरी बार है, जब बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र को प्रदेश के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। इसके पहले कांग्रेस शासनकाल में भी बिलासपुर को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी। इसके पहले भाजपा के 15 साल के शासन में यहां से लगातार जीतने वाले अमर अग्रवाल को मंत्री पद मिला। तीन बार के कार्यकाल में उनके पास महत्वपूर्ण मंत्रालय वित्त, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, वाणिज्यिक कर, आबकारी जैसे मंत्रालय रहे। पिछली बार वे चुनाव हार गए। लेकिन 2023 के विधानसभा चनाव में टिकट मिलने के बाद उन्होंने अपने पिछले चुनावों की अपेक्षा लगभग 3 गुना 28,959 वोट के अंतर से कांग्रेस को पांचवीं बार हराया और विधायक बने। अविभाजित जिले से मिलते रहे हैं प्रदेश को दो मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद प्रदेश में दो मंत्री बनाए जाने हैं। रायपुर से एक मंत्री बनना तय है।दूसरे मंत्री पर सस्पेंस बना हुआ है। अविभाजित बिलासपुर जिले से भाजपा को दो मंत्री मिलते रहे हैं। मुंगेली से पुन्नूलाल मोहले और बिलासपुर से अमर अग्रवाल। इस बार मुंगेली से लगे लोरमी क्षेत्र से अरुण साव को डिप्टी सीएम बनाकर इसकी भरपाई की गई हैं। संख्या और क्षेत्र के लिहाज से देखें तो एक और मंत्री की गुंजाइश बनी हुई है।

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