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Loksabha Election: "कांग्रेस का घोषणा पत्र,धोखा पत्र,तुष्टिकरण पत्र,अपराधियों को संरक्षण देने वाला" , बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक का कांग्रेस पर बड़ा हमला

 




Bilaspur. बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवम प्रदेश भाजपा के महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस के आरक्षण वाले मुद्दे और घोषणा पत्र पर पलटवार करते भाजपा के  जिला कार्यालय एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया हुए बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस   की कांग्रेस द्वारा अपने घोषणा पत्र सरकारी ठेकों में अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता देने की बात कहकर यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस आदिवासी अनुसूचित जाति ओबीसी सहित सामान्य वर्ग के सभी हक छीन लेना चाहती है उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सर्वे कर संपत्ति को बांट देने और उस पर राहुल गांधी के सलाहकार सैम पित्रोदा द्वारा विरासत टैक्स का राग अलापने के बाद यह बात स्पष्ट हो जाती है कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी, एससी, ओबीसी विरोधी है वह धार्मिक आधार पर तुष्टिकरण की नीति को आगे बड़ा रही है


श्री कौशिक ने अपने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में तुष्टिकरण के तहत किए प्रावधानों से देशवासियों में भारी आक्रोश है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में लिखी कई आपत्तिजनक बातो में एक और आपत्तिजनक बात सामने आ रही है उसमे लिखा है - "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अल्पसंख्यकों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, सार्वजनिक रोजगार, सार्वजनिक कार्य अनुबंध, कौशल विकास, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में बिना किसी भेदभाव के अवसरों का उचित हिस्सा मिले।" उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस यह कैसे सुनिश्चित करेगी कि अल्पसंख्यकों (मुस्लिम पढ़ें) को 'सार्वजनिक कार्य अनुबंध' में उचित हिस्सा मिले? क्या तकनीकी और वित्तीय बोली के साथ धार्मिक कोटा भी होगा? क्या मुस्लिमों के पक्ष में योग्य बोलीदाताओं, जो कि अन्य धर्मों से रहेंगे, की अनदेखी की जाएगी? क्या सार्वजनिक अनुबंध हासिल करने के लिए हिंदुओं को अल्पसंख्यकों के अधीन बनना होगा, भले ही वे स्वयं ऐसा करने में सक्षम हों? क्या कांग्रेस यह कहकर 'टेंडर घोटाला' की नींव नहीं रख रही है?


विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस न केवल एससी/एसटी/ओबीसी की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती है, सोना और उनके मंगलसूत्र सहित हिंदू महिलाओं की छोटी बचत को अपने कब्जे में लेना चाहती है. बल्कि इसे अल्पसंख्यकों के बीच वितरित करना चाहती है। कांग्रेस यह कैसा भारत बनाना चाहती है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी यह भी लिखा है कि अल्पसंख्यकों का आर्थिक विकास बहुत जरूरी है। बैंकों से उन्हें पर्याप्त लोन मिले, यह भी कांग्रेस सुनिश्चित करेगी। मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े हर तबके के किए कार्य किए हैं, लेकिन कांग्रेस का घोषणा पत्र केवल अल्पसंख्यकों की बात कर रहा है जिससे देशवासियों में भारी नाराजगी है। कांग्रेस के नेता आज चाहे जितने खोखले दावे कर लें कि हमारा मकसद वह नहीं है, पर कांग्रेस का घोषणापत्र और उसके नेता लगातार जिस भाषा में चीख-चीखकर आदिवासियों, दलितों, पिछड़ा वर्ग के बजाय अल्पसंख्यकों के हितों चिंता जता रहे हैं, जिस प्रकार एससी/एसटी/ओबीसी का हक मारकर अल्पसंख्यकों देने की बातें कर रहे हैं, उसे देश और छत्तीसगढ़ की जनता बहुत अच्छी तरह से समझ रही है क्योंकि प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने साफ शब्दों में कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक अल्पसंख्यकों, उनमें भी मुसलमानों का है।


विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि अब राहुल गांधी और कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में कही गईँ बातें, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कथन, सैम पित्रोदा के विरासत टैक्स का राग और अब 'सार्वजनिक कार्य अनुबंध' की बात कहकर कांग्रेस कौन-से मंसूबों को अमल में लाना चाहती है? अब कांग्रेस या तो स्वीकार करे कि उसका मकसद वही है जो मनमोहन सिंह ने कहा था, पित्रोदा ने कहा है, और अब कांग्रेस के नेता कह रहे हैं, या फिर देश से माफी मांगकर इस मुद्दे को अपने घोषणापत्र से वापस ले। छत्तीसगढ़ की जनता-जनार्दन कांग्रेस की इस बदनीयती को अच्छी तरह भाँप रही है और कांग्रेस को दो टूक बता देगी कि देश के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार देश के गरीबों, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग का है, विकास और आर्थिक उन्नति के अवसर में वह भी बराबर भागीदार होंगे। किसी को भी धर्म-संप्रदाय विशेष के आधार पर लाभ के इकतरफा अवसर देने की बातें करके कांग्रेस की विकृत राजनीतिक सोच का परिचायक है और देश, छत्तीसगढ़ की जनता इसे कतई स्वीकार नहीं करेगी।


विधायक धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस के घोषणा पत्र की पोल खोली ।अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ने तानाशाही और लोकतंत्र, भय पर स्वतंत्रता की बात कही है। क्या कांग्रेस में कभी लोकतंत्र रहा है? कांग्रेस का इतिहास रहा है आजादी के बाद से कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष या कांग्रेस का जब शासन रहा तो किस परिवार से रहा है? उन लोगो ने उनके संगठन और सरकार में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए क्या काम किया? 1975 का आंतरिक आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। धारा 356 का उपयोग करके कितनी राज्य सरकारों को बर्खास्त किया? कांग्रेस और कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार चलाने वाले लोग आज मीडिया की स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं। आज जो पार्टी समाप्ति की ओर है, आपातकाल के दौरान प्रिंट मीडिया के कनेक्शन काट दिए गए थे। सरकार के खिलाफ समाचार लिखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जब छत्तीसगढ़ राज्य बना, तब पत्रकार राजनारायण मिश्र ने अजीत जोगी सरकार के खिलाफ लेख लिखा तो उनकी गिरफ्तारी हो गई। विधानसभा में यह मामला उठाने पर तत्कालीन गृह मंत्री नंदकुमार पटेल ने कहा कि हमने श्री मिश्र को सुरक्षा देने के लिएलॉक-अप में बंद किया है।


विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि राहुल गांधी बयान दे रहे हैं कि आर्थिक सामाजिक जातिगत जनगणना करेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व यह बताए कि जाति जनगणना पर रोक लगाने का काम पं. नेहरू के समय से कांग्रेस की सरकारों ने ही किया है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में भी जातिगत जनगणना नहीं हुई। आज राहुल गांधी अगर जाति जनगणना की बात कर रहे हैं तो कांग्रेस के द्वारा जाति जनगणना पर जो रोक लगाई गई थी, क्या वह गलत थी?


*कांग्रेस राज में महिलाओं को छलने वाली पार्टी फिर छलने की तैयारी में-संजय श्रीवास्तव*

*कांग्रेस की महालक्ष्मी योजना में भारी विसंगतियों से उनके नियत पर उठ रहे सवाल-संजय श्रीवास्तव*

भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने 

कहा कि कांग्रेस कोई भी योजना लाती है उसके पीछे किस प्रकार का षड्यंत्र रहता है समझने वाली बात है आपको ध्यान है कि कांग्रेस 2018 में ऐसा घोषणा पत्र जारी किया उसमे तमाम प्रकार के झूठे वायदे किए जिन्हे उन्होंने कभी पूरा नहीं किया महिलाओं को 8500 महीना और साल के एक लाख रुपए देने की घोषणा करने वाली कांग्रेस ने अपने विधानसभा 2018 के घोषणा पत्र में प्रदेश की महिलाओं को 500 रूपए महीना देने की भी घोषणा की थी जिसे अपने पूरे 5 साल के कार्यकाल में पूरा नहीं कर सकी और आज ये बड़ी बड़ी बाते कर रहे हैं 

और जब हमने पिछले चुनाव में महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपए देने की बात कही और दिया भी परंतु भाजपा के देखा देखी जब कांग्रेस ने 15000 रुपए देने का लालच दिया तो किसी ने भी इनके बातों का विश्वास नहीं किया और प्रदेश भर की महिलाओं ने हमारे 12000 पर विश्वास किया भाजपा को वोट दिया भाजपा की सरकार बनाई

श्री श्रीवास्तव ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि अब जब ये लोकसभा चुनाव में महिलाओं को एक लाख रुपए देने की बात कर रहे हैं तो मै इसकी विसंगतियों को आपके समक्ष साझा कराते हुए कहना चाहूंगा कि क्या जिन्होंने 500 रुपए नही दिए क्या वे 8500 रुपए देने की नियत रखते हैं क्योंकि समूचे भारत देश का इतना बजट नही है जितना कि ठीक इससे दोगुनी राशि महिलाओं को देने की बात कर रहे हैं इसके पीछे संशय को समझिए पहले कहा भारत की प्रत्येक महिला को एक लाख रुपए देंगे उसके बाद कहा कि हितग्राहियों की पहचान कर सबसे जरूरत मंद को दी जाएगी श्री श्रीवास्तव ने सवाल दागते हुए कहा की ये जरूरत मंद कौन है इसकी क्या क्राइटेरिया होगी अस्पष्ट है फिर इन्होंने कहा कि घर की सबसे बुजुर्ग महिला के खाते में डाली जाएगी सरा कहते हैं की योजना को चरणों में शुरू की जाएगी और लाभार्थी परिवार और गरीबी उन्मूलन प्रक्रिया के तहत हर वर्ष इसकी समीक्षा की जाएगी कुल मिला कर देखा जाए तो कांग्रेस की इस घोषणा पत्र में पिछली चुनाव की तरह झोल ही झोल है इसे लागू करने की इनकी  कोई मंशा नहीं है इस इस अवसर पर भाजपा प्रदेश के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत निगम के नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी मिडिया प्रभारी प्रणव समदरिया के के शर्मा उपस्थित थे



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