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बिलासपुर में भू माफिया और अधिकारीयों की मिलीभगत का मामला, जमीन हड़पने महिला को बताया मृत, तहसीलदार ने l दस्तावेजों को नकारा

 





बिलासपुर में अतिरिक्त तहसीलदार शशि भूषण सोनी पर भू-माफिया के झूठे और कूटरचित दस्तावेजों पर जीवित महिला को मृत मानकर उसकी जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम करने का आरोप लगा है। उन्होंने महिला के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वाद भूमि के वास्तविक भूमि स्वामी के हक संबंध दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

भू-माफिया ने जमीन हड़पने महिला को बताया मृत:अतिरिक्त तहसीलदार ने जिंदा महिला की दस्तावेजों को नकारा, दूसरे के नाम जारी कर दिया बी-वन खसरा


बिलासपुर4 घंटे पहले

रिकार्ड दुरुस्त कराने भटकती रही महिला, मृत मानकर अतिरिक्त तहसीलदार ने काट दिया नाम। - Dainik Bhaskar

रिकार्ड दुरुस्त कराने भटकती रही महिला, मृत मानकर अतिरिक्त तहसीलदार ने काट दिया नाम।

बिलासपुर में अतिरिक्त तहसीलदार शशि भूषण सोनी पर भू-माफिया के झूठे और कूटरचित दस्तावेजों पर जीवित महिला को मृत मानकर उसकी जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम करने का आरोप लगा है। उन्होंने महिला के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वाद भूमि के वास्तविक भूमि स्वामी के हक संबंध दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।



अब पीड़ित महिला ने कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत कर दोषी अफसर और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।


सरकारी तफ्तर का चक्कर काट रही बुजुर्ग महिला


दरअसल, बिरकोना की रहने वाली 70 वर्षीय मंगतीन बाई के नाम पर खसरा नंबर 470 की जमीन है। जिसके राजस्व रिकार्ड में भूलवश उसके पति का नाम छूट गया है। राजस्व रिकार्ड दुरुस्त कराने के लिए महिला 10 माह से तहसीलदार कार्यालय का चक्कर काटती रही। लेकिन, उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।


दूसरे व्यक्ति ने जताया जमीन पर मालिकाना हक


इसी दौरान अचानक रामायणलाल सूर्यवंशी ने यह कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई कि मंगतीन बाई का वह रिश्तेदार है, जिसकी मौत हो चुकी है। उसने किसी दूसरी मंगतीन बाई का मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ एग्रीमेंट भी प्रस्तुत किया। जिसमें बताया गया है कि मंगतीन बाई की कोई संतान नहीं है। इसलिए उसने अपनी जमीन को अपने रिश्तेदार रामायण लाल सूर्यवंशी के हक में दी है।

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