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बिलासपुर के टिकरापारा स्थित गुजराती समाज भवन में श्रीमद भागवत कथा का हुआ आयोजन, पूर्व मंत्री व विधायक अमर अग्रवाल हुए शामिल

 






बिलासपुर के टिकरापारा स्थित गुजराती समाज भवन में श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है . रविवार को व्यास पीठ से शास्त्री चिंतनभाई पंड्या ने उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष वामन अवतार-श्रीराम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म पर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भागवत जीवन को अच्छा बनाती है। 



भागवत कथा के श्रवण से भक्ति और ज्ञान मार्ग से परमतत्व की प्राप्ति होती है। 

भागवत कथा के दौरान शास्त्री जी ने राम अवतार की कथा के संबंध में बारे में बताया कि त्रेतायुग में भगवान धरती पर श्रीराम के रूप में अवतरित हुए और संसार को रावण के त्रास में मुक्त किया . उन्होंने बताया कि मनुष्य को चाहिए कि वे भगवान राम के जीवन से आदर्शों की सीख लें और उनका अनुसरण करें .

 भागवत कथा के दौरान शास्त्री पंड्या जी ने कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया . उनकी वाणी से श्रोतागण झूम उठे . उन्होंने भगवान कृष्ण के स्वयं धरती पर अवतरित होने की कथा का विस्तार से वर्णन किया . 




शास्त्री जी ने प्रारंभ में वामन कथा के बाद रामजन्म का शब्द-चित्र खींचा . उन्होंने कान्हा के जन्म की कथा का भी श्रवण कराया . जन्म के इस पावन अवसर पर पूरे पंडाल को फूल-पत्तियों से सजाया गया था . पूरा पंडाल कृष्णमय हो गया था . चहुंओर बधाइयों के स्वर गूंजने लगे . नंद के आनंद भयो, जै कन्हैया लाल की . मंच पर भगवान कृष्ण को झूले में सजाकर रखा गया था . भगवान के जन्म की झांकी भी निकाली गई . भगवान की आरती की गई . पुष्पों की वर्षा तथा माखन-मिश्री का भोग लगाया गया . वामन अवतार, श्रीराम अवतार और श्रीकृष्ण अवतार को जीवंत झांकी के रूप में दिखाया गया . 



व्यास पीठ से शास्र्त्री पंड्या जी ने आगे बताया कि 22 जनवरी को 550 वर्षों के बाद अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है । हम भारतवासी सौभाग्यशाली हैं क्योंकि हम इस अवसर के साक्षी बनने जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि आज अयोध्या नगरी ही बिलासपुर में आ गई है ।   

श्री भागवत कथा महापुराण समिति के सचिव बकुल भाई पटेल ने बताया भागवत कथा आगामी 11 जनवरी तक चलेगी . उन्होंने बताया कि सोमवार, 8 जनवरी को गोवर्धन उत्सव – अन्नकूट दर्शन प्रसंग पर प्रवचन होगा . इसके बाद अगले दिन मंगलवार को कृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग कथावाचक पंड्या जी पूरे भक्ति भाव से प्रस्तुत करेंगे . बुधवार, 10 जनवरी को कथा विश्राम और पूर्णाहूति होगी . 



अगले दिन 11 जनवरी को हवन और महाप्रसाद के साथ भागवत कथा का उद्यापन होगा . पूजा-पाठ श्री जलाराम मंदिर के पुजारी पंडित प्रेमचंद शुक्ल व पंडित सचिन महाराज के मार्गदर्शन में होगा . 

रविवार की भागवत कथा के अवसर पर समिति के अध्यक्ष हसमुख भाई सचदेव सहित भागवत ज्ञान यज्ञ में चेयरमैन हरगोविंदभाई जोबनपुत्रा, उपाध्यक्ष सरलाबेन दामाणी, सचिव बकुलभाई पटेल और सह-सचिव राजेंद्रभाई चावड़ा तथा उत्सव यजमान रेणुकाबेन, शशि भाई सचदेव, कमल किशोरभाई जानी परिवार, सचदेव परिवार, शशिकांतभाई सोनछात्रा परिवार, ललितभाई पुजारा तथा श्री जलाराम भक्तिवृन्द परिवार के सदस्य प्रमुख रूप से शामिल थे . भागवत कथा के दौरान बिलासपुर के विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी सपत्नीक मौजूद थे।

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