11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: वैद्यशाला बिलासपुर में निःशुल्क पाइल्स, फिस्टुला और स्वास्थ्य परामर्श शिविर का पांचवां दिन सफल
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11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: वैद्यशाला बिलासपुर में निःशुल्क पाइल्स, फिस्टुला और स्वास्थ्य परामर्श शिविर का पांचवां दिन सफल

 



**Bilaspur Free Ayurveda Health Camp Day 5:** बिलासपुर में मध्यभारत और छत्तीसगढ़ राज्य की प्रथम सर्वसुविधा युक्त और छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त प्रथम आयुर्वेद चिकित्सा संस्थान **'वैद्यशाला'** (अरपा पुल के पास, मेनरोड, नेहरू चौक, बिलासपुर) में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे **7 दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श, पाइल्स एवं फिस्टुला जांच शिविर** का आज पांचवां दिन सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। 'स्वस्थ भविष्य हेतु आयुर्वेद' विषय के तहत आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा का लाभ उठा रहे हैं।





आज शिविर के पांचवें दिन मलबार के रोग, पाइल्स (बवासीर), फिशर (परिरतिका), फिस्टुला (भगंदर) में क्षारससूत्र चिकित्सा के साथ-साथ मौसमी बुखार, सर्दी-खांसी, एलर्जी, जोड़ों के दर्द (घुटने, कंधे, कमर, एड़ी दर्द), लकवा, त्वचा रोग (मुंहासे, सोरायसिस, एक्जिमा, सफेद दाग, आर्टिकेरियों), किडनी रोग, मोटापा, मधुमेह, स्त्री रोग (मासिकधर्म), इनफर्टिलिटी (बंझपन), बाल झड़ना, चिलड्रिसाइटिस, सिर दर्द, अनिद्रा, एनीमिया (खून की कमी), पुरुषों की समस्याएं (ध्वजभंग, शीघ्रपतन, कमजोरी), शिशु रोग तथा बच्चों के समस्त रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। शिविर में डॉ. मनोज जी टेकचंदानी (वरिष्ठ चिकित्सक), डॉ. किरण वर्मा (शिशु रोग विशेषज्ञ), डॉ. मनोज चौकसे (चिकित्सक एवं संचालक) और डॉ. विमल शर्मा (आयुर्वेद वरिष्ठ चिकित्सक) अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


वैद्यशाला संस्थान की यह विशेषता है कि यहाँ छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त शासकीय सेवकों (माननीय, अधिकारी, कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिजनों जैसे वृद्ध माता-पिता, जीवनसाथी, संताने आदि) के आयुर्वेद उपचार (पंचकर्म एवं क्षारससूत्र) हेतु मेडिकल रीइंबर्समेंट (चिकित्सा राशि प्रतिपूर्ति) की सुविधा प्रारंभ है। इसके साथ ही, सभी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा चिकित्सा राशि की प्रतिपूर्ति और सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।


पंचकर्म यानी शरीर शोधन की प्रक्रिया आयुर्वेद में वर्णित त्रिडोष (वात-पित्त-कफ) को साम्यावस्था में लाकर स्वस्थ व्यक्ति की स्वास्थ्य की रक्षा एवं रोगी व्यक्ति के पुराने (गंभीर) और नवीन (नये) रोगों का शमन करने की सर्वोत्तम भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है।


यह 7 दिवसीय निःशुल्क शिविर दिनांक 28 सितंबर (सोमवार) 2026 से शुरू होकर 04 अक्टूबर (रविवार) 2026 तक सुबह 11:00 बजे से शाम 05:30 बजे तक संचालित हो रहा है। पंजीकरण हेतु नीचे दिए गए पते पर या सुबह 9 बजे से रात्रि 8 बजे तक फोन नंबरों पर संपर्क करके अपना पंजीयन अवश्य कराएं।


* **संस्थान का पता:** अरपा पुल के पास, मेनरोड, नेहरू चौक, बिलासपुर (छ.ग.)

* **संपर्क फोन नंबर:** 07752-412224, 455551, 455552, 363097, 86028-11002

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