रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण (रेशनलाइजेशन) के बाद भी अटैचमेंट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग द्वारा इस अवैध प्रथा को बंद करने के लिए लगातार निर्देश और आदेश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर इनका असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से एक ऐसा ताजा आदेश सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई अचरज में है।
इस नए आदेश में विभाग द्वारा पूर्व में खुद ही तय किए गए मापदंडों और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक तरफ जहां ग्रामीण और आंतरिक इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है और छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर इस तरह के अटैचमेंट किए जाने से शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक कसावट पर भी बड़ा ग्रहण लग रहा है।


