टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात,विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री टंक राम वर्मा
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टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात,विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री टंक राम वर्मा

 






रायपुर, 28 जुलाई 2026/रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कुल 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम टंडवा में 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा से झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा से बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

















      मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में भी इस मार्ग को स्वीकृति दिलाई गई थी, लेकिन तात्कालिक परिस्थितियों के कारण काम रुक गया था। अब न केवल सड़क की स्वीकृति मिली, बल्कि बोनस के रूप में दो प्रमुख सड़कों की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों, कामगारों, दुकानदारों और आम जनता को आवागमन में समय की बचत होगी और बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने पंचायत क्षेत्र के कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में पंचायत में लगभग 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें शेड निर्माण, महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे जनहितकारी कार्य शामिल हैं।







*छात्रों व युवाओं को दिया जीवन का संदेश*


     छात्र जीवन, प्रशासनिक तथा राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजनीति का असली अर्थ जनसेवा, गरीबों के आंसू पोंछना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, न कि सत्ता का प्रदर्शन करना। छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का कद उसकी तारीफ या बुराई से तय नहीं होता, बल्कि उसके कर्मों से तय होता है। हमें पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते रहना चाहिए। रामचरितमानस में भी कहा गया है कि 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई'—अर्थात दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा धर्म है।


    इस अवसर पर जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शाला के प्राचार्य, शिक्षकगण, ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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