गरियाबंद जिले में पदस्थ सहायक शिक्षिका बबीता ध्रुव ने याचिका कर बताया, वह शासकीय प्राथमिक शाला मुड़ापारा, ब्लॉक मैनपुर (जिला गरियाबंद) में कार्यरत हैं। उनका तबादला हाल ही में शासकीय प्राथमिक शाला बांदपारा, ब्लॉक देवभोग कर दिया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कहा, यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर नहीं, बल्कि किसी शिकायत के आधार पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया है। अधिवक्ता ने कहा, शिकायत आधारित तबादला प्रकृति में 'कलंककारी और दंडात्मक' होता है। स्कूल शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों ने याचिकाकर्ता शिक्षिका को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया है। यह प्राकृतिक न्याय सिद्धांत के विपरीत है।
राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि वर्ष 2021 में याचिकाकर्ता बबीता ध्रुव और निधि ठाकुर का आपसी सहमति से राज्य शासन ने ट्रांसफर किया था। आनुपातिक स्थानांतरण के समय निधि ठाकुर वास्तव में मुड़ापारा स्कूल में पदस्थ ही नहीं थीं। दोनों ने विभाग के समक्ष गलत तथ्य और प्रतिनिधित्व प्रस्तुत कर वह म्यूचुअल ट्रांसफर हासिल किया था। विभाग ने 25 मई 2026 को नया आदेश जारी कर केवल अपनी उसी पुरानी गलती को सुधारा है। शासन ने यह भी बताया, याचिकाकर्ता पहले ही वर्तमान शाला मुड़ापारा में पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय से पदस्थ है, इसलिए इस रूटीन प्रशासनिक फेरबदल में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।


