बिलासपुर। शहर में आयुर्वेद के निशुल्क शिविर के नाम पर कुछ लोगों ने दवा बेचने और इलाज दर्शाकर बीमा व सरकारी रीमेम्बर्समेंट की रकम हड़पने का धंधा चलाया हुआ है। निशुल्क शिविर लगाकर मरीजों की जांच के बाद हजारों की दवाइयां लिखी जाती हैं और फिर अपने ही मेडिकल स्टोर से या फिर जहां से कमीशन बंधा हो, वहां से खरीदने को कहा जाता है। इसमें आयुर्वेदिक दवाओं के साथ धड़ल्ले से मंहगी एलोपैथिक दवाएं भी लिखी जा रहीं हैं। सामान्य तकलीफ में भी शिविर में आए लोगों के चिकित्सा बीमा या फिर सरकारी रीमेम्बर्समेंट की जानकारी लेने के बाद बीमारी और इलाज दर्शाकर रकम निकाली जा रही है। इस तरह निशुल्क चिकित्सा शिविर के नाम एक पूरा बिजनेस चलाया जा रहा है। कई बार इस चक्कर मे लोगों की छोटी बीमारी भी बिगड़ कर बड़ा रूप ले रही है, जिसे ये आयुर्वेद चिकित्सक ठीक करने के नाम पर दवाओं और इलाज का लंबा चौड़ा बिल बना लेते हैं। जिले के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को इस पर संज्ञान लेने की जरूरत है ताकि ऐसे शिविर की असलियत सामने आ सके। ऐसे शिविर में इलाज कराने वालों को कई बार लेने के देने पड़ रहे हैं और उनको बाद में लंबे इलाज और तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका स्वास्थ्य खराब होने के साथ आर्थिक बोझ भी पड़ जाता है।

