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छत्तीसगढ़ में सरकार बदली लेकिन व्यवस्था नहीं ! अभी जारी है सांठ-गांठ का खेल, पढ़ें पूरा विश्लेषण

 





कोरबा। भ्रष्टाचारों के लंबे आरोप के बीच भले ही कांग्रेस की कथित घोटालेबाज सरकार जा चुकी है। पर जाते-जाते कई सुलगते सवाल पीछे छूट गए हैं। मसलन, राखड़ की जहरीली धूल में घुट रही ऊर्जा नगरी कोरबा की जनता को राहत की सांस मिल सकेगी? सामंतवादी सोच के बूते वर्षों से चलाए जा रहे ठेकेदारों का एकाधिकार खत्म और रेत, कोयला-डीजल के काले कारोबार में लिप्त माफियाराज का खत्मा होगा? इन चुनौतियों से निपटकर कोरबा समेत संपूर्ण छत्तीसगढ़ में सुशासन लाने का संकल्प पूरा करने प्रदेश की विष्णुदेव सरकार आखिर क्या कदम उठाएगी? 


आइए अब मिलकर ढूंढ़ लाएं इन सवालों के जवाब !


0 क्या शहर को राखड से मुक्ति मिलेगा या सिर्फ ठेकेदार का चेहरा बदलेगा?

0 क्या कोरबा कोयला कबाड़ डीजल चोरी से मुक्त हो पायेगा?

0 क्या कोरबा रेत माफियाओं से मुक्त हो पायेगा?

0 कोरबा में ठेकेदारों का एकाधिकार खत्म हो पाया?

0 अब कौन कौन इस जद में फंस सत्ता को करने को है बेताब?

0 अब इस सरकार को किसकी नजर लग रही है कौन सा ऐसा काम है जो सुशासन के सरकार में बन सकता है काला धब्बा ?

0 कौन से लोग कांग्रेसी सत्ता के समय के ठेकेदारो को दे रहे संरक्षण जिन के सर पर रहा कभी कांग्रेस सरकार का सीधा हाथ !

0 सुशासन की भाजपा सरकार में कौन-कौन दाग लगाने पर है तुले?

0 क्या ठेकेदारों के फर्म का नाम बदलकर नया फर्म पर ठेका लेकर किया जाएगा उन्हें फिर से उपकृत ?


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