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कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग के काम-काज की समीक्षा, निर्माण में लापरवाही पर ईई एवं सब इंजीनियर को नोटिस

 



बिलासपुर. मोतियाबिन्द मुक्त बिलासपुर के लिए जिले में अभियान चलाया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से यह अभियान चलेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने ऐसे रोगियों का विस्तृत सर्वे कर एक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए । कलेक्टर आज मंथन सभाकक्ष में बैठक लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य विभाग के काम-काज की समीक्षा करते हुए इसकी तैयारी शुरू कर देने को कहा है। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का भुगतान आचार संहिता समाप्त होने के पन्द्रह दिन के भीतर करने को भी कहा है। योजना के अंतर्गत राशि का आवंटन प्राप्त हो चुका है। स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में लापरवाही बरतने पर सीजीएमएससी के ईई एवं सब इंजीनियर को शो कॉज नोटिस जारी के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।

        कलेक्टर ने लगभग तीन घण्टे तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं डॉक्टरों की बैठक लेकर योजनाओं में प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने जानना चाहा कि पीएचसी एवं सब हेल्थ सेंन्टर में प्रसव की संख्या कम क्यों है। नियमानुसार पीएचसी में हर महीने कम से कम 10 एवं सब हेल्थ सेन्टर में 3 प्रसव तो अनिवार्य रूप से होने चाहिए। इसमें और बेहतर परिणाम के लिए कर्मचारियों के युक्तियुक्तकरण प्रस्ताव भी देने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाये कि सभी प्रसव संस्थागत एवं सुरक्षित तरीके से हो। उन्होंने सोनोग्राफी सेन्टरों की सतत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि लिंग का परीक्षण न हो सके। यदि एक भी प्रकरण मिले तो कठोरता से कार्रवाई की जायेगी। परिवार नियोजन के लिए पुरूषों की नसबंदी पर भी जोर दिया। पिछले साल 600 के लक्ष्य के विरूद्ध महज 31 लोगों ने नसबंदी कराए हैं। लोगों में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए।

       कलेक्टर ने बायो मेडिकल वेस्ट के निपटारे में लापरवाही बरतने पर संबंधित वेण्डर को तलब भी किया है। कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, पीएचसी एवं शहरी पीएचसी में जरूरी मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव 10 जून तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं ताकि डीएमएफ मद से जरूरी राशि की स्वीकृति प्रदान की जा सके। जिला अस्पताल में बन रहे हमर लैब के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कर 15 जून तक सौंपने के निर्देश सीजीएमएससी को दिए। उन्होंने सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपने निर्धारित मुख्यालयों में रहने और मौसमी बीमारियों पर निगरानी रखने को कहा है। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान, सीएमएचओ डॉ. प्रताप श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता सहित सहित स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, बीएमओ,डीपीएम-बीपीएम, एवं डॉक्टर्स उपस्थित थे।



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