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हाईकोर्ट ने पति की अपील की खारिज, आजीवन कारावास बरकरार

 




बिलासपुर। अपनी पत्नी को चरित्र संदेह के कारण मौत के घात उतारने वाले आरोपी पति की अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। सेशन कोर्ट ने उसे मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 

शिक्षक कालोनी झपारा जिला बालोद में रहने वाले दिनेश तारम ने वर्ष 2011 में साधना भास्कर से प्रेम विवाह किया था। गत 12 अप्रैल 2019 को उसने अपनी पत्नी साधना को किसी बात पर उत्त्तेजित होकर कुदाल से हमला कर दिया। हमले से पत्नी की मौत हो गई। पुलिस ने उसे भादवि की धारा 302 के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। सेशन कोर्ट जिला उत्तर बस्तर दंतेवाड़ा ने सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई । आरोपी शादी के बाद से ही अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसके चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया और खुद मृतका के भाई को फोन पर जानकारी दे दी। भाई दुष्यंत भास्कर ने ही आरोपी के घर पहुंचकर साधना की लाश बरामदे में पड़ी देखी और पुलिस को सूचना दी। उसे पहले भी बहन ने यह बताया था कि, पति लगातार चरित्र को लेकर शक करता है। सेशन कोर्ट की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पर चीफ जस्टिस व जस्टिस रजनी दुबे की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद अपील खारिज कर दी।

हाईकोर्ट की डीबी ने अपने निर्णय में कहा कि, यदि अभियुक्त अपनी व्यक्तिगत जानकारी में मामले के तथ्यों को समझाने या स्थापित करने में विफल रहता है तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 के तहत उसके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

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