Ads

जिन ठेकेदारों को सर आँखों पर बैठा रहा प्रशासन, वो जनता के लिए बने सिरदर्द, कूड़े के अंबार के बीच रहने के लिए मजबूर हो रहे लोग.

 






कोरबा। घर का कचरा साफ कर लोग दरवाजे पर घंटी पड़ते ही सफ़ाई मित्र के हवाले कर देते हैं। पर सारे शहर का कचरा ही कॉलोनी के बीच लाकर पटक दिया जाए, तो लोग कहां जाएं। मेयर और पूर्व मंत्री के दिल का ताज बने सिर आंखों पर बैठा ठेकेदार आम जनता के सिर का बोझ बन चुका है। जिसकी मनमानी चरम पर है और कॉलोनी में कूड़े का अंबार लग गया है। दफ्तरों, अफसरों और नेताओं की चौखट घिस घिस कर थक चुके वार्ड के लोग अब बीमारी का डर लिए गंदगी के बीच गुजर करने मजबूर हो गए हैं। पर निरंकुश व्यवस्था के बीच महापौर और उनके चहेते ठेकेदार मस्त हैं और अपने ही हक के लिए त्राहिमाम कर रही जनता त्रस्त है। इसके बाद भी निराकरण तो दूर की बात है, कोई उनकी समस्या और विवशता देखने या सुनने के लिए भी तैयार नहीं।

पंडित रविशंकर शुक्ल नगर में कूड़ा करकट का अंबार लगा हुआ है। निहारिका क्षेत्र की सबसे विकसित और पॉश कॉलोनी के लोग गंदगी, बदबू और उससे स्भावित संक्रामक बीमारियों के उत्पन्न होने के डर में जी रहे हैं। उधर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का निपटारा तो दूर, इस ओर झांकने तक को तैयार नहीं हैं। वार्ड क्रमांक 23 में शामिल इस सबसे बड़ी कॉलोनी के लोगों की पीड़ा को नगर निगम के कांग्रेसी महापौर राज किशोर प्रसाद भी सुनने को तैयार नहीं। वार्ड में सफाई की व्यवस्था का ठेका कांग्रेसी ठेकेदार राजीव जायसवाल के पास है, जिसकी मनमानी यहां के लोग पिछले नौ साल से बर्दाश्त करने मजबूर हैं। पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के बेहद करीबी और महापौर राज किशोर प्रसाद के सिर आंखों पर काबिज माने जाने वाले ठेकेदार राजीव जायसवाल पर सफाई ठेके में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। इसकी शिकायत भी राज्य शासन और जिला प्रशासन से कई दफा की जा चुकी है। 

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.