copyright

फेसबुक पर आरक्षण हटाओ लिखने पर दर्ज किया था मामला, कोर्ट ने कहा नहीं बनता अपराध, कार्रवाई पर लगाई रोक

 





बिलासपुर। फेसबुक पर आरक्षण हटाओ, लिखने पर एट्रोसिटी एक्ट का मामला दर्ज कर लिया गया था। हाईकोर्ट ने इस आधार पर एट्रोसिटी एक्ट का मामला दर्ज करने को गलत माना है। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने सेशन कोर्ट में जारी सुनवाई पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने इसे मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए कहा है कि फेसबुक में आरक्षण हटाओ और जो आरक्षण हटाएगा उसे मेरा वोट लिख कर चैट किए जाने से किसी की भावनाएं आहत होने का सवाल नहीं पैदा होता है। प्रारंभिक तौर पर इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। कोर्ट ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए रखा है।

आरक्षण के विरोध में फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर तारबाहर पुलिस ने आईएएस एकेडमी के संचालक सहित अन्य के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया था।  पुलिस ने तखतपुर क्षेत्र के ग्राम दैजा निवासी गिरीश पाटले की रिपोर्ट पर आईएएस एकेडमी की संचालिका संज्ञा अग्रवाल, प्रशांत रंजन, आदित्य मिश्रा सहित अन्य के खिलाफ धारा 504, 3 (1-10) एट्रोसिटी एक्ट के साथ ही आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया था।


अपनी बात रखने का अधिकार सबको


 बिलासपुर निवासी संज्ञा अग्रवाल ने फेसबुक में लिखा था कि आरक्षण हटाओ और जो आरक्षण हटाएगा उसे मेरा वोट मिलेगा। इस तरह का चैट भी फेसबुक पर किया गया था। मामले में कुछ लोगों ने इसकी शिकायत की थी। शिकायत पर बिलासपुर पुलिस ने संज्ञा अग्रवाल के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में जांच के बाद सेशन कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया था। इसके खिलाफ संज्ञा अग्रवाल ने एडवोकेट अशोक वर्मा के माध्यम से याचिका पेश की थी।दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मंगलवार को हाईकोर्ट ने माना कि हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है जब तक कि किसी की भावनाएं आहत नहीं होती हैं।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.