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शिव महापुराण कथा में दो मौलिक ब्रह्मांडीय शक्तियों शिव और सती के शाश्वत मिलन का प्रतीक,पत्रकार कॉलोनी में शिव महापुराण कथा




बिलासपुर। शिव महापुराण में देवी सती और प्रभु शिव की कथा दो मौलिक ब्रह्मांडीय शक्तियों शिव और शक्ति के शाश्वत मिलन का प्रतीक है। सती वियोग में शिवजी ने ऐसा तांडव मचाया कि सृष्टि खतरे में पड़ गई थी, तब श्रीहरि ने अपनी चतुराई से विनाश को रोका था।








पत्रकार कॉलोनी में राजेश पांडेय के निवास पर आयोजित शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथावाचिका ईश्वरी देवी ने माता सती प्रसंग पर प्रवचन कहते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग शिव-पार्वती विवाह और शक्तिपीठों की स्थापना के पीछे की महत्वपूर्ण घटना है। प्रजापति दक्ष ने एक महान यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन शिव और सती को निमंत्रण नहीं दिया। सती बिना बुलाए यज्ञ में पहुंची और दक्ष द्वारा शिव का अपमान सहन न कर सकीं, जिसके कारण उन्होंने यज्ञ की अग्नि में देह त्याग दिया। इससे दुखी और क्रोधित भगवान शिव ने प्रलयकारी तांडव नृत्य किया और सती के शरीर को कंधे पर उठाकर पूरे ब्रह्मांड में घूमते रहे। भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए, जो पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों पर गिरे और शक्तिपीठों की स्थापना हुई। यह प्रसंग भक्ति, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि कैसे देवी सती ने अपने पति के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और प्रेम के कारण अपना जीवन त्याग दिया। यह प्रसंग शक्तिपीठों की स्थापना के पीछे की कहानी भी बताता है, जो आज भी भक्तों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। 


*शिव तांडव व मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति* 

         शिव महापुराण कथा के सोमवार को भगवान शिव के शक्तिशाली नृत्य " शिव तांडव " की सुंदर प्रस्तुतियां हुईं, जिससे दर्शक बहुत भावुक और आनंदित हो गए। शिव के रौद्र और आनंद रूप का सुंदर चित्रण से श्रद्धालु गण मंत्रमुग्ध हो गये। 

वहीं वृंदावन से आये कलाकार दंपति विनय भारद्वाज और राधा भारद्वाज ने मोर बन कृष्ण संग राधा की मयूर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।

 

*बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक पहुंचे*  

     शिव महापुराण कथा का श्रवण करने बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक पहुंचे और व्यास पीठ पर विराजमान ईश्वरी देवी से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिव की दिव्य कथाएँ जीवन में धर्म, सत्य और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। शिव महापुराण कथा जो श्रोता पुरे मन से श्रवण करते हैं उन्हें परमात्मा के साथ आत्मा के जुड़ने का आभास भी होता है। भोलेनाथ से सभी क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की मंगलकामना करता हूँ।

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